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एसआई महल सिंह से छिनी जांच, अब एएसआई रमेश को सौंपी कमान

31जुलाई को सल्फास खाकर सुसाइड करने वाले प्रॉपर्टी डीलर भरत दुआ के केस की जांच सब इंस्पेक्टर महल सिंह से छीन गई है। अब इस केस की जांच एएसआई रमेश कुमार को सौंपी गई है। यही नहीं डीएसपी सुरेश कौशिक ने भी एएसआई को केस की जल्द और सही तरीके से इनवेस्टीगेशन करने के आदेश दिए हैं। इसे लेकर परिवार भी सहमत है।

दरअसल, कैंट प्रभु प्रेम पुरम आश्रम के नजदीक रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर भरत दुआ ने सल्फास खाकर सुसाइड कर लिया था। भरत ने यह कदम क्यों उठाया, इसे लेकर परिवार और उनके जान-पहचान वाले भी चिंतित थे। क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि भरत इस तरह से यह कदम उठा सकता है। 
लिहाजा भरत के इस फैसले पर न्याय हासिल करने के लिए परिवार ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया था। तब जांच का जिम्मा सब इंस्पेक्टर महल सिंह को सौंपा गया था। मगर पुलिस की तरफ से उन्हें किसी तरह का इंसाफ नहीं मिला। हर बार उन्हें इधर-उधर की बात कहकर चलता कर दिया जाता था। यही कारण था कि उन्होंने पुलिस कार्रवाई से हताश होकर डीएसपी सुरेश कौशिक के पास न्याय की गुहार लगाई। जिन्होंने मामले की जांच महल सिंह से छीनकर एएसआई रमेश को सौंप दी। साथ ही मामले में जल्द से जल्द उचित कार्रवाई के आदेश भी दिए हैं। 

भरत के फोन में छिपा है सुसाइड का राज
पताचला है कि अगर दिन में 24 घंटे होते थे तो उनमें से 13-14 घंटे वह फोन ही इस्तेमाल करता था। यह फोन उसकी जान-पहचान वालों के होते थे। क्योंकि उसका तमाम कारोबार भी फोन से ही चल रहा था। मगर ऐसी क्या परिस्थितियां बनी, जो उसे यह कदम उठाना पड़ा। वह भी जुलाई माह की अंतिम तारीख को। इसे लेकर परिवार चिंतित है। पुलिस ने केस की जांच भी फोन कॉल्स के माध्यम से ही सुलझाने का फैसला लिया है ताकि सुसाइड की वजह को तलाशा जा सके।
 
इस केस की जांच महल सिंह से लेकर एएसआई रमेश को सौंपी गई है। पुलिस हर संभव कोशिश कर रही है कि भरत सुसाइड केस से जुड़ी वजह को तलाशा जा सके। इसके लिए एएसआई को उचित दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। सुरेशकौशिक, डीएसपी अम्बाला कैंट