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पटवारियों को तय सीमा में रिकॉर्ड बनाने के आदेश

बेरीतहसील का आरक्षण आंदोलन की हिंसा में जला रिकॉर्ड अभी भी दुरुस्त नहीं हुआ है। इससे लोगों को तहसील से दस्तावेज देखने में समस्या रही है। बता दें कि 19 फरवरी 2016 को आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों ने बेरी तहसील के हल्का बेरी दोपाना, वजीरपुर दूबलधन घिक्यान का माल रिकार्ड, जमाबंदी, शजरा पर्चा शजर नस्ब, गिरदावरी रजिस्टर, सभी फिल्ड बुक नंबर सुमार, इंतकाल अन्य पटवारी से संबंधित कागजात जला दिए गए थे। अब डेढ़ साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद तीनों हल्कों का जमीन संबंधित रिकार्ड दुरुस्त नहीं हो पाया था, जिसके कारण लोगों को दिक्कत बनी हुई थी। 

7 माह से खाली है 

तहसीलदार का पद 

यहीनहीं बेरी तहसील में तहसीलदार का पद 7 माह से खली पड़ा है। तहसील में 40 हलकों के लिए 28 पटवारी होने चाहिए, लेकिन लंबे समय से 18 पटवारी सेवा दे रहेे हैं। बेरी तहसील के पटवारी नवरात्रों केे दौरान मां बेरी वाली केे दरबार में ड्यूटी देते है और मां के चढ़ावे की गिनती करवाते हैं। जिसके कारण तीनों गांवों केे जले हुए रिकार्ड को दोबारा बनवाने में देरी हो रही है