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संस्कार पर हो विश्वविद्यालयों में लेक्चर : डाॅ. सिंह

सीआरएसयूनिवर्सिटी में शिक्षक दिवस के मौके पर अपराध मुक्त समाज-विश्वविद्यालय की भूमिका विषय पर सेमिनार का आयोजन कराया गया। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर जस्टिस रवि आर त्रिपाठी, मैंबर नेशनल लॉ कमीशन गर्वमेंट ऑफ इंडिया शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के तौर पर सीआरएसयू के पूर्व वीसी मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह मुख्य वक्ता के तौर पर नई दिल्ली के फाउंडर प्रेसिडेंट भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान के रामकृृष्ण गोस्वामी ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने अपने संबोधन से संबंधित विषय पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को अपराध की दुनिया से दूर रहकर स्वच्छ समाज निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया। 

हिंदी भाषा को मानें सर्वोपरि मुख्य अतिथि त्रिपाठी ने कहा कि जो अपने इतिहास को याद नहीं रखता उनका भविष्य कभी भी उज्ज्वल नहीं हो सकता। इस संदर्भ के लिए उन्होंने कहा कि हमें अपनी भाषा हिंदी को हमेशा सर्वोपरि मानना चाहिए। अंग्रेजी केवल एक भाषा है उसे अपने सम्मान, आत्मा, व्यक्तित्व पर हावी नहीं होने देना चाहिए। जस्टिस त्रिपाठी ने कहा कि आज जब हम घर जाए तो पुरानी मानसिकता को छोड़ कर जाएं ताकि हमारा संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास होना आरंभ हो जाए। 

{शिक्षाके स्तर को बेहतर बनाने में सबका साथ जरूरी : विश्वविद्यालयके कुलपति प्रो. आरबी सोलंकी ने कहा कि मैंने अपना पूरा जीवन एक शिक्षक के रूप में ही दिया है। एक शिक्षक विद्यार्थी का रिश्ता केवल कुछ ही वर्षों का नहीं होता है। अपितु पूरे जीवन भर का रिश्ता बन जाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को ऊंचाई की ओर लेकर जाना है, इसके लिए सबका साथ जरूरी है। इससे शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है। 

{गीताश्लोकों को जीवन में धारण करने से अपराध मुक्त होगा भारत : गोस्वामी 

मुख्यवक्ता भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान के संस्थापक श्रीराम कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि किसी भी देश, राज्य, समाज के लोगों का विकास भगवद गीता के सार में हैं। उन्होंने कहा कि यदि अपराध मुक्त भारत का निर्माण चाहते हैं तो गीता के श्लोकों को अपने जीवन में धारण करना बेहद आवश्यक है। हरियाणा राज्य भगवत गीता का जन्मास्थली है। गीता का उपदेश ही जीवन को आगे बेेहतर और उन्नति के मार्ग पर चलने के लिए एकमात्र विकल्प है। 

प्रदर्शनी में 10 मई, 1857 को अम्बाला से आरंभ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बारे में जानकारी देता एक टेलीग्राम, ब्रिटिशों के खिलाफ राव तुलाराम द्वारा रांगड़ों को एकत्र करना, भारतीयों द्वारा सभी अंग्रेजों का सलामी देना, उत्तर पश्चिमी प्रांतों से दिल्ली डिवीजन का विभाजन, बल्लभगढ़ के राजा और झज्जर एवं बहादुरगढ़ के नवाबों के क्षेत्रों का अधिग्रहण, अंतिम मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर के गहनों की सूची जिसे ब्रिटिश सरकार द्वारा उपहार संपत्ति घोषित किया गया। वर्ष 1872 के हरियाणा डिविजनस का मानचित्र, 1 नवंबर, 1858 की उद्‌घोषणा द्वारा भारत में ब्रिटिश क्षेत्रों का प्रशासन ईस्ट इंडिया कंपनी के हाथों से महारानी ने स्वयं ले लिया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में अम्बाला के लाला मुरलीधर का राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए सीधे प्रतिवेदन की वकालत करने संबंधी, रोल्ट बिल के विरोध में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बचाव की हिदायतें दी गई, पंजाब में महात्मा गांधी के आगमन पर प्रतिबंध, महात्मा गांधी की पलवल में गिरफ्तारी आदि के बारे में बताया गया। इसके अलावा पंजाब के समाचार पत्रों पर सेंसरशिप, सर छोटूराम के बारे में तत्कालीन उपायुक्त रोहतक की रिपोर्ट, रोहतक जिले के 1922 से 1942 तक जेल यात्रियों की सूची, 26 जनवरी, 1930 को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाना, 1930 में पंडित नेकी राम शर्मा की गिरफ्तारी, विदेशी कपड़ों का बहिष्कार, शहीद भगत सिंह को फांसी दिए जाने के आदेश, बिना वारंट के गिरफ्तारी, व्यक्तिगत सत्याग्रह के बारे में प्रदर्शन लगाकर जानकारी दी गई। सभी कांग्रेसी संस्थाओं को अवैध घोषित किया जाना, खतरनाक राजनीतिक आंदोलनकारियों की सूची, 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा आजाद हिंद गवर्नमेंट की घोषणा, नारनौल निवासी भागीरथ प्रसाद शर्मा द्वारा रचित राष्ट्रीय ध्वज बारे एक गीत आदि अभिलेख प्रदर्शित किए गए हैं इसके अतिरिक्त इस प्रदर्शनी में भारत के महान स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित व्यक्तियों के फोटोग्राफ्स से संबंधित दस्तावेजों को भी प्रदर्शित किया गया है। वीसी डाॅ. आरबी सोलंकी ने बताया कि 6 सितंबर को आम जनता के लिए भी यह प्रदर्शनी खुली रहेगी। 

विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति मेजर जरनल डॉ. रणजीत सिंह ने कहा कि हर विश्वविद्यालय में भारतीय संस्कार पर लेक्चर होना चाहिए। संस्कार ही शिक्षा पद्धति को बेहतर से बेहतर बना सकता है। रजिस्ट्रार डॉ. राजबीर सिंह ने सबको अध्यापक दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि अच्छे शिक्षक होने का भाव अपने मन में रखना चाहिए। साथ ही हरियाणा वासियों के लिए कहा कि यहां की भूमि कर्मभूमि है