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भ्रूण लिंग जांच के आरोप में महिला सहित दो पर केस

   सतनाली पुलिस ने भ्रूण लिंग जांच कराने के आरोप में मां उसके बेटे पर मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार डॉ. अशोक कुमार नारनौल ने दी शिकायत में बताया कि शुक्रवार देर शाम सिविल सर्जन रेवाड़ी ने सिविल सर्जन नारनौल को दूरभाष पर सूचित किया कि जिला समुचित प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा गठित टीम एक दलाल का पीछा करते हुए सतनाली कस्बे पहुंची है। जिसमें आपका सहयोग चाहिए।

   

सिविल सर्जन नारनौल द्वारा डॉ. अशोक कुमार, डॉ. नवीन कुमार सहित सहायक धर्मेंद्र लांबा की टीम गठित की गई। जो रेवाड़ी टीम द्वारा बताए गए अल्ट्रासाउंड केन्द्र पर पहुंची। जहां पर पर रेवाड़ी टीम के सदस्य नोडल अधिकारी डॉ. सरबजीत ने घटनाक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की जो रेवाड़ी टीम द्वारा हस्ताक्षरित है। शिकायत में बताया कि रेवाड़ी टीम द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार भ्रूण लिंग जांच के लिए उनकी टीम द्वारा दिए गए 30 हजार रुपए डिकाय पेशेंट की बनाई गई। केयर टेकर एएसआई रेवाड़ी बबीता ने कनीना की कृष्णा अरोड़ा को भ्रूण जांच के लिए कनीना में दिए। 


   उन्होंने बताया कि उनके अनुसार कृष्णा ने अल्ट्रासाउंड संचालक सतनाली से दूरभाष पर बात होने के बाद कृष्णा अपने लड़के सतीश के साथ डिकाय पेशेंट केयर टेकर को सेन्ट्रो गाड़ी में बैठाकर सतनाली लेकर आई तथा सतनाली पहुंचने पर अल्ट्रासाउंड केन्द्र पर 2 हजार रुपए का नोट दिया 1400 रुपए वापिस प्राप्त किए, लेकिन उसने ओपीडी रजिस्टर में डिकाय पेशेंट के पति का नाम बदलवा कर गलत लिखवा दिया। जो बोगस आईडी है।

     

इसी दौरान रेवाड़ी टीम केन्द्र में पहुंच गई उन्होंने पाया कि इनके द्वारा भेजे गए डिकाय मरीज का अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ था तथा इस दौरान काउंटर या केन्द्र पर कार्यरत किसी कर्मचारी से कृष्णा तथा सोनू से रेवाड़ी टीम द्वारा भ्रूण लिंग जांच के लिए 30 हजार रुपए बरामद नहीं हुए जो संभवत: उसने कही छिपा दिए।