News Description
जिले में एक भी शिक्षक नहीं मिला सम्मान के काबिल

विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम के बाद अब शिक्षकों के परिणाम में भी जिला शिक्षा विभाग फिसड्डी साबित हुआ है। दो-दो बार राष्ट्रीय शिक्षा पुरस्कार से नवाजे जा चुके अपने जिले में अबकी बार राष्ट्रीय तो दूर राज्य स्तर पर भी किसी शिक्षक का नंबर नहीं लगा। जिले से दो शिक्षकों ने अवार्ड के लिए आवेदन किया था।

     प्रदेश के दो शिक्षकों को राष्ट्रीय तथा 29 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक अवार्ड से नवाजा जाएगा। वही शिक्षकों ने स्थानीय अधिकारियों पर लापरवाही तथा शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया है। शिक्षकों का कहना है कि राज्यस्तर पर आवेदन के लिए जिला शिक्षा विभाग को मेल तक नहीं मिली थी। एक आवेदनकर्ता का कहना है कि वह खुद अंतिम तिथि यानि 16 अगस्त को अपना आवेदन जमा कराकर आया था।

राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को राष्ट्रीय तथा राज्य शिक्षक पुरस्कार से नवाजा जाता है। पांच सितंबर यानि शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वालों को राष्ट्रपति तथा राज्य पुरस्कार पाने वालों को राज्यपाल सम्मानित करते हैं। 15 वर्ष से सेवारत शिक्षक के आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। जिनमें के कार्यकाल के दौरान उनके सामाजिक व शैक्षणिक सुधारात्मक कार्यों को शामिल किया जाता है। लेकिन जानकारी के अनुसार अबकी बार बेहतर परिणाम देने वालों को प्राथमिकता दी गई है।

    सम्मानित होने वाले शिक्षकों की सूची रविवार को ही जारी कर दी गई, जिसमें कि प्रदेश के नौ जिलों से किसी भी अध्यापक का नाम शामिल नहीं है। जिले से राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता बलबीर ¨सह व गांव कटेसरा में कार्यरत संस्कृत के अध्यापक बिजेंद्र शास्त्री ने आवेदन किया था।