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घग्गर पार सेक्टरों में राउंड अबाउट्स पर रात को नहीं जलती लाइटें

पंचकूला में इन दिनों हालात ऐसे है कि यहां पर कागजी सुविधाएं दिखाने के बाद स्मार्ट सिटी की दौड में तो शामिल हो सकते है, लेकिन यहां सालों से रह रहे लोगों को असलियत में सुविधाएं देने में फेल है प्रशासन। हालात ऐसे है कि टूटी सड़कों से लेकर रात को कई मार्केट्स में लोगों को स्ट्रीट लाईटों के बंदोबस्त के बावजूद अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है।

   सरकारी खजाने से तनख्वाह लेने वाले अधिकारी अपनी इतनी भी जिम्मेवारी नहीं समझते कि जो व्यवस्था लोगों के लिए की गई है, उसकी सुविधा लोगों को मिल भी पा रही है या नहीं। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि हुडा से लेकर प्रशासनिक अधिकारी अपनी जिम्मेवारी को लेकर कितने गंभीर है। वहीं, बात घग्गर पार कि की जाए तो वहां भी रात को ना सडकों पर लाईटें जल रही है और ना ही रिफ्लेक्टर अपना काम कर रहे है। घग्गर पार की भी ऐसी कई सडकें है जो नेशनल हाई-वे को टच कर रही है। लेकिन प्रशासन से लेकर हुडा सडक पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा। 

डंपिंगग्राउंड से हर्बल पार्क तक सड़क पर रिफ्लेक्टर टूटे : सेक्टर23 डंपिंग ग्राउंड से लेकर हर्बल पार्क तक जाने वाले रास्ते पर हाल ही में सडक बनाई गई है। जिस पर सडक किनारे रात या धुंध में रास्ते का पता चल सके, इसके लिए रिफ्लेक्टर भी लगाए गए है। लेकिन अब हालात ये है कि यहां अधिकतर रिफ्लेक्टर टूटे पडे है। किसी पाईप पर रिफ्लेक्टर ही नहीं है। जिससे आने वाले दिनों में हादसा होने का भी डर बना हुआ है।