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स्वास्थ्य विभाग को जल्द हैंडओवर होगा 100 बेड का नया भवन

लंबे इंतजार के बाद नागरिक अस्पताल को 100 बेड का नया भवन मिलने जा रहा है। इसी सप्ताह लोक निर्माण विभाग इस भवन को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर सकता है। बुधवार को एक्सइएन व अन्य अधिकारियों ने सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के साथ नए भवन का दौरा किया।

गौरतलब है कि हुड्डा सरकार में 100 बेड का नया भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। यह भवन मई 2015 में बनकर तैयार होना था, लेकिन बजट के अभाव में काफी समय तक निर्माण कार्य बंद भी रहा। अब भवन बनकर तैयार हो चुका है। पिछले दिनों सिविल सर्जन ने भवन को हैंडओवर करने के लिए बीएंडआर विभाग के अधिकारियों को पत्र भी लिखा था। नए भवन हैंडओवर करने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा 100 बेड के पुराने भवन से सारा सामान वहां शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही नए भवन में आने-जाने के लिए गोहाना रोड पर राजकीय पीजी कॉलेज के सामने दीवार को तोड़कर एक और गेट बनाया जाएगा, जिससे बस स्टैंड व की तरफ से आने वाले मरीजों को पुराने गेट के रास्ते से अस्पताल में आने के लिए लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

पुराने भवन में जगह की कमी

नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में जगह की कमी पड़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी गायनी वार्ड में है। यहां प्रतिदिन 200 से 300 मरीज आते हैं और औसतन 15 से 20 डिलीवरी होती है। डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा को नियमानुसार 48 घंटे तक अस्पताल में रखना होता है। गायनी वार्ड में केवल 24 बेड हैं, जिनमें कई बार तो एक बेड पर डिलीवरी के बाद तीन महिलाओं को रखना पड़ता है। जगह व चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में नागरिक अस्पताल में आने वाले डिलीवरी के केस को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। हाल ही में एक मामला सामने आया था, जिसमें नारनौंद की एक गर्भवती महिला को चिकित्सकों ने रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया और रास्ते में एंबुलेंस में ही उसकी डिलीवरी हो गई।

एमआरआइ व सिटी स्कैन की सुविधा

नए भवन में सिटी स्कैन व एमआरआइ की सुविधा मरीजों को मिलेगी। फिलहाल जिले में किसी भी निजी या सरकारी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं है तथा सिटी स्कैन की सुविधा कुछ चु¨नदा निजी अस्पतालों में है। नागरिक अस्पताल के नए भवन में प्राइवेट मोड पर जल्द ही सिटी स्कैन व एमआरआइ की सुविधा स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की जाएगी।

दोनों भवन में ये मिलेगी सुविधा

नए भवन में ब्लड बैंक, आपरेशन थियेटर व सर्जिकल वार्ड शिफ्ट किया जाएगा। नए भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस आपरेशन थियेटर होगा। वहीं 100 बैड के मौजूदा पुराने भवन में इमरजेंसी, गायनी वार्ड व अधिकारियों के ऑफिस रहेंगे। गायनी वार्ड के पास बने लेबर रूम में पहली मंजिल पर बने आपरेशन थियेटर रूम में शिफ्ट किया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर लेबर रूम में गायनी वार्ड का विस्तार किया जाएगा।

डॉक्टर मिले, तभी होगा फायदा

नागरिक अस्पताल 100 से बढ़कर 200 बेड का तो दर्जा मिल जाएगा, लेकिन मरीजों को फायदा तभी होगा, जब यहां डॉक्टर आएंगे। यहां मेडिकल ऑफिसर के निर्धारित 55 पद हैं, जिनमें से करीब 25 पद रिक्त हैं। यहां कोई डॉक्टर नहीं आना चाहता है। अगर जींद में किसी डॉक्टर को भेजा जाता है, तो वह यहां ज्वाइन नहीं करता और जल्द ही यहां से तबादला करवा कर चला जाता है। हाल ही में कई डॉक्टर यहां से तबादला करवा कर चले गए। मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि जल्द ही नागरिक अस्पताल को नए डॉक्टर मिलेंगे