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कई दिनों के इंतजार के बाद हुई हल्की वर्षा ने बढ़ाई उमस

इस बार मानसून की वर्षा क्षेत्र में न के बारबर हुई है। कई दिनों के इंतजार के बाद बुधवार की शाम को क्षेत्र में हल्की वर्षा हुई है। वर्षा के साथ ही हवाओं की गति धीमी पड़ गई थी। जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पाई। करीब 20 मिनट की हल्की वर्षा ने उमस को बढ़ावा दिया है। आमजन व किसानों को पिछले लंबे समय से अच्छी वर्षा होने का इंतजार था। बुधवार की अल सुबह भी हल्की की बूंदाबांदी हुई थी। उसके बाद आसमान में बादल छाए हुए थे। इन बादलों को देख कर लोगों को उम्मीद जगी थी कि आज अच्छी वर्षा होगी। लेकिन शाम को भी हल्की वर्षा के बाद बूंदाबांदी का दौर रूक-रूक कर चल रहा था। झज्जर के अलावा दोपहर के समय दुजाना क्षेत्र में भी हल्की वर्षा हुई है। जबकि शाम को बादली क्षेत्र में भी बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया था। आसमान में छाए बादल देख रात को भी वर्षा होने की उम्मीद है। क्षेत्र में हुई हल्की वर्षा के बाद बिजली के कटों में बढ़ोतरी हो गई थी। बार-बार लग रहे कटों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। जब भी बूंदाबांदी या वर्षा होती है। बिजली व्यवस्था चरमराने लगती है। बार-बार बिजली आपूर्ति की लाइनें ब्रेक डाउन होने लगती हैं। यही स्थिति बुधवार की शाम को भी बनी रही।

इन दिनों किसानों की फसलों को पानी की आवश्यकता है। किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए ट्यूबवेलों से ¨सचाई करनी पड़ रही है। जिला में सबसे अधिक धान की फसल को पानी की आश्यकता है। वहीं किसान कपास आदि की फसलों की ¨सचाई भी करने में जुटे हुए हैं। जिला में कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक करीब 40 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की फसल, करीब 35 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरा, करीब 20 हजार हेक्टेयर भूमि में ज्वार व करीब आठ हजार हेक्टेयर भूमि में कपास की फसल बोई गई है।

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मौसम विभाग का पूर्वानुमान बृहस्पतिवार को हो सकती है वर्षा : मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बृहस्पतिवार को 4 से 5 एमएम वर्षा होने की संभावना है। जबकि शनिवार तक बीच-बीच में हल्की वर्षा होने की उम्मीद है। अगर मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही निकला तो किसानों का फसलों की ¨सचाई पर होने वाली खर्च भी एक बार बच जाएगा।

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इन दिनों किसानों की फसलों को पानी की आवश्यकता है। बाजरा आदि की फसलें तो कम पानी में भी पैदा हो जाती हैं। लेकिन धान व कपास आदि फसलों को पानी की आवश्कता होती है। तेज धूप व हवाएं चलने के कारण फसलों में पानी की कमी होने लगती है। इस लिए किसान भी वर्षा का इंतजार कर रहे थे। अगर अच्छी वर्षा हुई तो किसानों की फसलों को फायदा होगा