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3 सितंबर को प्रस्तावित है जाट आरक्षण संघर्ष समिति की भाईचारा रैली

डेरा प्रमुख के मामले से निपटने के बाद अब प्रशासन का ध्यान सीधे रूप से 3 सितंबर को होने वाली जाट आरक्षण संघर्ष समिति की भाईचारा रैली पर आन टिका है। होने वाले इस रैली का आह्वान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक द्वारा किया गया है। उल्लेखनीय है कि पहले इस रैली के लिए 27 अगस्त की तिथि प्रस्तावित थी। लेकिन डेरा प्रमुख के मामले को लेकर बने माहौल के बीच इसे स्थगित करते हुए 3 सितंबर कर दिया गया था। रैली को सफल बनाने के लिए समिति के जिलाध्यक्ष जितेंद्र बब्ला के अलावा अन्य कई टीमें गांवों में जन संपर्क करते हुए यहां पहुंचने का न्यौता दे रहे हैं। उधर, मामले में जो सबसे बड़ा पेंच फंसता हुआ दिख रहा है। वह है मलिक विरोध गुट द्वारा खुलकर सामने आना। दरअसल, पिछले सप्ताह इसी गुट से जुड़े लोगों ने काफी संख्या में एकत्र होकर जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा था। जिसमें रैली को स्थगित या रद्द करवाए जाने की मांग उठाई थी। अब बने इस माहौल में पुलिस एवं प्रशासन दोनों ही पहलुओं पर ध्यान रखे हुए हैं। ताकि यह तिथि भी शांति पूर्वक निकल जाए। हालांकि जाट समाज से जुड़े हुए दोनों गुट समुदाय को आरक्षण दिए जाने की मांग उठा रहे हैं।

होने वाले इस आयोजन को लेकर जिला अध्यक्ष जितेंद्र धनखड़ ने बताया कि भाईचारा रैली में हरियाणा के साथ-साथ 13 प्रदेशों के लोग भाग लेगें। समिति द्वारा पूरे जिले के गांवों में रैली को लेकर प्रचार-प्रसार जोर शोर से किया जा रहा है। बुधवार को कमेटी द्वारा जिले के ग्वालीशन, मातनहेल, सासरौली, खानपुर, खोरड़ा, झाड़ली, गोरिया, साल्हावास, अकेहड़ी मदनपुर, मुंदसा, लड़ायन, हमामपुर, अच्छेज व पहाड़ीपुर आदि गांवों का दौरा किया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि भाईचारा रैली को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक व राष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि भाईचारा रैली में समिति द्वारा रखी गई छह मांगों को लेकर सरकार द्वारा बरते जा रहे ढीले रवैये की समाज के लोगों से चर्चा कर आगे की रणनिति तैयार की जाएगी।

बॉक्स : राशलवाला चौक पर प्रस्तावित भाईचारा रैली के लिए तैयारियां पिछले काफी दिनों से चल रही है। हो रही इन तैयारियों में कई एकड़ में टैंट लगाए जाने की व्यवस्था समिति की ओर से की गई है। जन संपर्क के लिए भी वह टीमें बनाकर निरंतर दौरा कर रहे हैं। ताकि अधिकाधिक संख्या में लोग रैली में पहुं