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कौशल्या डैम का पानी खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे

पिंजौर : पिछले दिनों हिमाचल में हुई मूसलधार बारिश के चलते सिंचाई विभाग द्वारा कौशल्या नदी पर बनाए गया डैम में पानी उच्चतम स्तर से मात्र तीन मीटर नीचे रह गया है। बुधवार को डैम में करीब 475 मीटर पानी जमा हो गया था। जानकारी देते हुए विभाग के एक्सईएन बलराज चौहान ने बताया कि पहाड़ों में बारिश व कौशल्या नदी के आने के चलते डैम में पानी का स्तर पिछले एक माह में करीब 25 मीटर तक बढ़ा है। बुधवार को डैम में करीब 475 मीटर तक पानी जमा हो गया। स्थानीय लोगो को कुछ दिनों पहले तक उनके घरों के कुएं के पानी का लेवल नीचे जाने की आशका से परेशान थे, वहीं अब डैम में पानी आने से उनके चेहरे भी खिले हुए हैं।

डैम में पानी की क्षमता समुद्री तल से 478 मीटर तक की है, इसके बाद डैम में आने वाले पानी को डैम के ओवरफ्लो डोर से रिलीज कर दिया जाता है। इस समय डैम के अन्दर पानी 475 मीटर है, जोकि खतरे के निशान से करीब तीन मीटर दूर है। सिंचाई विभाग के मुताबिक अभी तक विभाग ने पंचकूला को दी जाने वाले पानी की सप्लाई को शुरू ही नही किया। अभी तक विभाग के पास हुडा विभाग की ओर से पानी की कोई डिमाड नही आई है। गौरतलब है कि डैम में पानी का लेवल कम होने पर डैम से पंचकूला को पानी की सप्लाई इस बार जल्दी बंद कर दी गई थी।

अधिकारियों के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक पहाड़ों में कम बारिश होने की संभावना है। विभाग को उम्मीद है कि अगर हुडा द्वारा पानी नहीं मांगा जाता है तो सितंबर माह के मध्य तक डैम का पानी अपने उच्चतम स्तर को छू लेगा। अगर डैम में 478 मीटर पानी जमा हो जाता है तो वो पंचकूला के लिए करीब 10 से 11 माह तक चल सकता है और बारिश के दिनों में प्रतिदिन करीब 40 क्यूसिक के हिसाब से पानी दिया जा सकता है।