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श्रीमद्‌भागवत कथा में साध्वी ने भगवान की बाल लीलाओं का किया बखान

सिद्धिविनायक सेवा समिति द्वारा आयोजित द्वितीय गणेश उत्सव एवं श्रीमद्‌भागवत कथा सप्ताह ज्ञान के आज पंचम दिवस की कथा में साध्वी मीरा समदर्शिनी ने भगवान की बाल लीलाओं का बखान किया। उन्होंने कहा कि भगवान की कथा को सुना जाता है। भगवान की कथा श्रवण करने योग्य है और भगवन की लीला दर्शन योग्य है। भगवान का स्वरूप दर्शन योग्य है। 

भगवान का चरित्र अनुकरण योग्य है। पूज्य देवी जी ने कहा कि मनुष्य को शिक्षा भगवान के दो ही अवतारों से मिलती है। एक रामावतार और दूसरा श्री कृष्णावतार। भगवान कृष्ण की वाणी को अपनाओ, क्योंकि भगवान श्री राम ने अपने माता-पिता का सम्मान किया। अपने माता-पिता को प्रात: काल उठकर प्रणाम करते थे, वे हम कर सकते हैं। परन्तु भगवान कृष्ण ने तो कालिया नाग का नाथन किया। ये हम नहीं कर सकते। 

श्री गिरिराज पूजन की कथा में मीरा ने बताया कि जब इन्द्र को अभिमान हो गया तो भगवान ने इन्द्र के अभिमान को तोड़ने के लिए गिरिराज की लीला की जिस प्रकार एक मां अपने बालक को सजाने के पश्चात काला टीका लगा देती है। उसी प्रकार जब भगवान ने देखा की इंद्र को अभिमान हो गया और अभिमान से इसका पतन हो जाएगा तो भगवान ने श्री गोवर्धन को धारण किया। देवी जी ने भगवान के सुंदर भजन तेरे सब संकट मिट जाए, तू पूजा कर गोवर्धन की, को सुनाकर भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। 

कथा में मुख्य यजमान के रूप में समाजसेवी हंसराज समैण, कार्यकारी अभियंता रवि मित्तल, जितेन्द्र जिंदल, राजेश बंसल ने वृदांवन से आये पंडितों ने गणेश जी श्रीमद्‌भागवत की पूजा अर्चना करवाई। गणपति उत्सव में आलम यह है कि हुडा ग्राउंड ऐसा लगता है जैसे पूरा नरवाना नगर इसी में समा गया है। इस अवसर पर मुख्य रूप से मनमोहन मित्तल खरल, रामकुमार मित्तल ढाकल, सेठ दीनानाथ गर्ग, सतपाल बंसल, बुधराम नगर पार्षद, छवि बंसल, अनाज मंडी प्रधान जितेन्द्र जैन, पुजारी मेहरचंद, रोशनलाल वेदपाठी, सुरेन्द्र बाता, विनोद मंगला, नरेश जैन, कैलाश सिंगला, देवीराम गर्ग, राकेश शर्मा, राजीव गर्ग, प्रवीण मित्तल आदि सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे