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स्वास्थ्य विभाग को मिलेगी एनटीपीसी की एनर्जी, सिविल अस्पताल में एक ही छत के नीचे होगी डायग्नोस्ट

स्वास्थ्यविभाग ने 100 बेड का सिविल अस्पताल तो बनाया, लेकिन मरीजों को बेहतर सुविधाएं फिर भी नहीं मिल सकीं। आज भी अस्पताल की डायग्नोस्टिक सर्विस बिखरी हुई है। मरीजों को खून समेत अन्य जांच के लिए एक स्थान पर जाना पड़ता है तो अल्ट्रासाउंड के लिए वे दूसरी जगह दौड़ते हैं। यही नहीं लैब की कोई कोई मशीन खराब होने पर मरीजों को कैंपस से बाहर पैसा देकर महंगी जांच करना पड़ती है। मरीजों की इस परेशानी को देखते हुए अब एनटीपीसी ने जिला स्वास्थ्य विभाग को डायग्नोस्टिक मामले में एनर्जी देने का काम किया है। अत्याधुनिक लैब के लिए डेढ़ करोड़ रुपए का बजट बनाया गया है। सब कुछ ठीक रहा तो अब आम मरीजों की सुविधा को खास बनाने के लिए सिविल अस्पताल में एक ही छत के नीचे अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक लैब होगी। इसमें एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, विभिन्न तरह की ब्लड , यूरीन जांच होगी। 

यही नहीं एनटीपीसी ने बनाए जाने वाली लैब नेशनल एग्रीडेशन बोर्ड फाॅर टेस्टिंग एंड क्रेलीब्रेशन से सर्टिफाइड होगी। फिर इसी हिसाब से डायग्नोस्टिक लैब का खाका तैयार होगा। इसके तहत ठीक वैसी ही लैब बनेगी जो किसी बड़े निजी अस्पताल में होती है। 

भविष्य को देखते हुए 

लैब का निर्माण : अजय 

एनटीपीसीझाड़ली के मानव संसाधन अधिकारी अजय प्रसाद का कहना है कि झज्जर में अत्याधुनिक तौर पर बनाई जाने वाली डायग्नोस्टिक लैब भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार होगी। अभी झज्जर का अस्पताल 100 बेड का है। ये अस्पताल भविष्य में अगर 200 बेड का हुआ तब इसी आधार पर लैब बनाई जाएगी। 

हमारे लिए वरदान होगी 

लैब : एसएमओ 

सिविलअस्पताल के एसएमओ डाॅ. एनके गर्ग का कहना है कि झाड़ली एनटीपीसी द्वारा अपने प्रोजेक्ट के तहत की बनाई जाने वाली डायग्नोस्टिक लैब झज्जर जिले के लिए वरदान साबित होगी। जिस तरह से प्राइवेट अस्पतालों की लैब होती है उसी का लाभ क्षेत्र के मरीजों को मिलेगा। 

उड़ीसा में 500 बेड का बनाया अस्पताल 

बतादें कि एनटीपीसी उड़ीसा के सुंदरनगर में 500 बेड का अस्पताल खोल चुका है। इसके बाद झज्जर मेडिकल सेवा का दूसरा प्रोजेक्ट होगा जब एनटीपीसी झाड़ली एनबीएल सर्टिफाइड लैब बनाने जा रहा है