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शहर में नई पाइपलाइन डालने का रास्ता साफ

  पांच करोड़ की लागत से शहर में 28 किलोमीटर लंबी नई पेयजल पाइपलाइन डलने का प्रोजेक्ट अटक गया था। जिसका कारण है लाइन से कनेक्ट होने वाले 5 बूस्टरों के लिए जमीन क्लीयरेंस न होना था। जब तक बूस्टर एनओसी रिपोर्ट विभागीय उच्च अधिकारियों को प्रेषित नहीं की जाती तब तक काम शुरू करने की अनुमति नहीं मिलेगी। लेकिन अब शहर की कॉलोनियों में नई पाइपलाइन डालने के लिए अनुमति मिल गई है।

  शहर में वर्तमान में लगभग 23 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन बिछी हुई है। जिसमें 12 किलोमीटर जर्जर अवस्था में है। शहर में सीवरेज व्यवस्था को लेकर सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य जारी है। गलियों में इस कार्य के दौरान काफी पेयजल पाइपलाइन टूट जाती हैं। ऐसी गलियों में भी नई लाइन बिछाने का कार्य होगा। इसके अलावा 14 नई एक्सटेंशन कॉलोनियों में भी पाइपलाइन बिछाई जाएंगी। जिसका रास्ता साफ हो गया है। ऐसे में शहर के लोगों में काफी हर्ष देखा जा रहा हैं।

    वर्षो पूर्व शहर में बिछी हुई पाइपलाइन में जगह-जगह लीकेज है। इसके चलते लोगों को दूषित पेयजल पीना पड़ रहा है। दूषित पानी पीने से लोग विभिन्न रोगों से ग्रस्त हो रहे हैं।नई पाइपलाइन बिछने से लोगों के घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचेगा। जिसके चलते दूषित पेयजल से होनी वाली बीमारियों से लोगों को मुक्ति मिलेगी।