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यात्री भुगत रहे हैं सवारी न मिलने की सजा

10 साल की कैद की सजा तो सुना दी है, परंतु रोडवेज बसों के बंद रहने से यात्री करीब पांच दिनों से सवारी न मिलने की सजा भुगत रहे हैं। यात्रियों को निजी व सहकारी समिति की बसों और अवैध वाहनों में जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। लंबी दूरी की सभी बसें अभी तक डिपो में खड़ी हैं। मंगलवार को शुरू किए जाने के भी अभी तक आदेश नहीं मिले हैं। यात्री अभी भी असमंजस में हैं कि मंगलवार को रोडवेज बसें चलेंगी या नहीं। लंबी दूरी की बसें बंद रहने से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है और दूसरी तरफ निजी बस व टैक्सी चालक यात्रियों से मनमानी किराया वसूल रहे हैं।

सोमवार को भी पलवल डिपो से चंडीगढ़, रोहतक-सिरसा, अलीगढ़, आगरा, कैथल, यमुनानगर, हरिद्वार, अंबाला, हिसार, जयपुर, गुरुग्राम, दिल्ली जैसे सभी रूटों पर बसें बंद रही। केवल जिले के होडल, हसनपुर जैसे लोकल रूटों पर ही बसें चलीं। बसें न चलने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।

बता दें कि सीबीआइ कोर्ट द्वारा राम रहीम की 25 अगस्त को कोर्ट में दोषी करार दिया गया था। पलवल डिपो से 24 अगस्त को ही लंबी दूरी की बसों को बंद रख दिया गया था। सोमवार को सजा सुनाए जाने के दौरान भी बसें बंद रही।