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पारिवारिक मामले से ध्यान बंटाने के लिए सुभाष बराला ने साजिशन करवाया हमला : मलिक

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक का कहना है कि उन पर फतेहाबाद में हुआ हमला पूर्व नियोजित साजिश के तहत हुआ है। जिसकी पटकथा लिखने का आरोप उन्होंने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला पर लगाया है। मलिक का यह कहना है कि अपने पारिवारिक मामले से ध्यान बंटाने के लिए घटनाक्रम करवाया गया। उनका कहना है कि अब जिन आरोपियों के खिलाफ 307 के तहत मामला दर्ज हुआ है। उसे भी समाज के ही दो नेता मुख्यमंत्री से मिलवाकर आए है। जिसकी उन्हें पुख्ता सूचना है। मलिक का कहना है कि यह सभी मुख्यमंत्री बनने की राह में लगते हुए ऐसा कार्य कर रहे हैं। जबकि समाज उनकी हरकतों को ध्यान से देख रहा है और समय आने पर जनता उसका जवाब भी दे देगी। वे सोमवार को राशलवाला चौक स्थित धरनास्थल पर 27 अगस्त को होने वाली भाइ्रचारा रैली की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे। समिति के पदाधिकारी अशोक बल्हारा सहित उन्होंने यहां पदाधिकारियों के साथ विस्तार पूर्वक विचार विमर्श भी किया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि झज्जर में होने वाली रैली अपने आप में एतिहासिक रैली होगी। जिसमें देश भर से 36 बिरादरी के लाखों लोग शिरकत करेंगे और आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

मलिक ने कहा कि पिछले दिनों जो भी जिन मुद्दों पर दिए गए थे। उन सभी को केंद्र में रखते हुए समिति निरंतर कैबिनेट स्तर के मंत्री, मुख्यमंत्री सहित भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात कर चुकी है। उन्हें मांगें पूरी किए जाने के लिए आश्वस्त किया गया है। हां, वर्तमान समय में जो भी युवा जेलों में बंद है। उन्हें बाहर निकालने के लिए भी समिति सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है। चूंकि स्थिति यह है कि एक व्यक्ति विशेष द्वारा दर्ज करवाए गए मामले के कारण ही समाज के युवा आज जेलों में बंद है। ऐसे में इस मसले पर भी 27 अगस्त की भाईचारा रैली में कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जाट समाज की सभी मांगों को समय पर पूरा करने का आश्वासन उन्हें मिला है और जब तक मांगे पूरी नही होती तब तक जाटों का संघर्ष जारी रहेगा।

बॉक्स : चंदे को लेकर उठ रहे विवाद और हो रहे विरोध से जुड़े प्रश्न पर मलिक ने कहा कि जिला स्तर पर चंदा एकत्र किया गया था और उन्होंने ही आगे संस्था को चंदा दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने ना तो कभी सीधे तौर पर चंदा लिया है और ना ही ऐसी कोई डिमांड उठाई है। हां, लोगों को जब आरोप लगाने को कुछ ठोस नहीं मिला तो उन्होंने बेशक ही इस मुद्दे को आधार बनाते हुए आरोप लगाए है। इधर, संस्था से अलग हो रहे लोगों पर उनका कहना था कि ऐसा कुछ नहीं है। कुछ लोग सरकार के नुमाइंदे बनकर उन्हीं की जुबान बोल रहे थे। जो कि अब विचारधारा नहीं मिल पाने के कारण साथ काम नहीं कर रहे है।

बॉक्स : यशपाल मलिक ने बताया कि भाईचारा रैली में सुरक्षा, सेवा , पार्किंग और यातायात व्यवस्था बनाये रखने के लिये जाट समाज के वालंटियर लगाये गये हैं। जिन्हे बकायदा आईकार्ड भी दिये जायेंगे। भाईचारा सम्मेलन के जरिये समाज को ये संदेश भी दिया जाएगा कि 36 बिरादरी एक साथ है और सभी अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए हर संघर्ष को पूर्ण रूप से तैयार है।

बॉक्स : 27 अगस्त को होने वाली भाइ्रचारा रैली में जो खास बात यहां पर देखने को मिली वह यह रही कि एक सप्ताह पहले से ही धरनास्थल के पीछे कई एकड़ के मैदान में टैंट लगना शुरू हो गया है। जबकि इससे पहले जमीन की लेव¨लग का कार्य करवाया गया। अब जिस गति से यहां पर काम हो रहा है। उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की समिति की ओर से व्यवस्था की जा रही है। अगर पहले के समय में हुए धरना एवं विरोध दिवसों की बात हो तो उस दौरान भी यहां अच्छी हाजिरी में लोग पहुंचे थे। लेकिन इस तरह का बड़ा टैंट अभी तक नहीं लगाया गया था। जैसा कि अब यहां पर तैयारियां तेजी से चल रही है