#घाटी में आतंकवाद को नई धार देने की फिराक में हाफिज         # 26/11 जैसे हमलों को रोकने के लिए तैयार भारत, सैटेलाइट के जरिए पकड़े जाएंगे संदिग्ध         # पद्मावती के विरोध में किले में लटका दी लाश, पत्थर पर लिख दी धमकी         # हरियाणा के 13 जिलों में तीन दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद         # जनहित याचिकाओं के गलत इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, संशोधन पर विचार         # ऑड-ईवन योजना में दिल्ली के साथ NCR के दूसरे शहर भी होंगे शामिल :EPCA         # UP निकाय चुनावों में EVM की विश्वसनीयता पर शत्रुघ्न सिन्हा ने उठाए सवाल         # पाक की बेशर्मी, फूलों से सजी गाड़ी से पहुंचा आतंकी हाफिज, लाहौर में मना जश्न        
News Description
1400 रुपए प्रति क्विंटल बाजरे की मांग, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

 भारतीय किसान संघ की पाल्हावास ईकाई की ओर से बाजरे की न्यूनतम समर्थन मूल्य 1400 रुपए प्रति क्विंटल 10 सितंबर तक तैयारी पूरी करने को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। इसका नेतृत्व संघ के खंड जाटूसाना उपाध्यक्ष अनिल आर्य पाल्हावास ने किया। 

आर्य ने ज्ञापन में कहा कि पिछले साल बाजरे का एमएसपी 1330 रुपए प्रति क्विंटल था, लेकिन सरकार द्वारा खरीद नहीं की गई। इससे किसानों को मजबूरी में व्यापारियों को ही औने-पौने दामों पर बाजरे की बिक्री करनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि ऐसी घोषणाएं किसानों के लिए महज छलावे से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जब तक बाजरे की एमएसपी रेट पर खरीद शुरू नहीं की जाएगी, तब तक गांवों में खंड तहसील स्तर पर प्रदर्शन किए जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर उसके बाद भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो जिला स्तर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन में सरकार को खरीद के लिए तैयारी करने बारे 10 सितंबर तक का समय दिया गया है। साथ ही सरकार से यह भी मांग की है कि एमएसपी रेट से कम बाजरे की बिक्री होने पाए। सदस्यों ने जिला उपायुक्त से मांग करते हुए कहा कि जिस तरह सरसों की खरीद को लेकर गांवों के नंबर लगाए गए थे, उस तरह के बाजरे की खरीद में नंबर नहीं लगाए जाए। किसानों के बाजरे की दाने-दाने की खरीद हो। 

इसके अलावा 1 सितंबर से हल्का पटवारी को बिक्री के लिए फर्द नि:शुल्क बनाने के निर्देश दिए जाए, अनाज की आद्रता को मनमाने ढंग से तय नहीं किया जाए खरीद के प्रबंध भी समुचित करने के निर्देश देने की मांग की है।