News Description
2 करोड़ का बकाया बिल चुकाने की बजाय नपा ने सीधे जोड़े स्ट्रीट लाइन के कनेक्शन, निगम को याद कराया 60 लाख

बिजलीनिगम को झज्जर नगर पालिका से अपने स्ट्रीट लाइटों के बिलों के 2 करोड़ रुपए लेने हैं। इस बीच झज्जर नगर पालिका भी हाउस टैक्स के बकाया 60 लाख रुपए बिजली निगम से मांग रहा है। इस उलझन के बीच बिजली निगम अब झज्जर नगर पालिका द्वारा चोरी की बिजली से गलियां सड़कें रोशन करने से खफा है। बिजली निगम ने चोरी के बाकायदा सबूत जुटाकर अब नगर पालिका को नोटिस देने की तैयारी कर ली है। 

बता दें कि निगम के सभी 19 वार्डों में 2 हजार के करीब लाइट उपकरण लगे हुए हैं। इनमें शहर का बाहरी क्षेत्र अलग है। बिजली निगम एक दर्जन लाइट उपकरणों के मीटर बिजली बिल जमा होने पर पहले ही काट चुकी है। अब 35 मीटर के जरिए ही शहर को जगमग करने की व्यवस्था है। इसका बाकायदा बिल नगर पालिका के द्वारा भरा जा रहा है। इस बीच बिजली निगम को सूचना मिली है कि वार्डों के मीटर कटने के बाद नगर पालिका सीधे मेन लाइन पर तार डालकर लाइट उपकरण जला रही है। कई लाइट उपकरण तो लोगों ने अपनी छतों और बालकनी में लगा रहे हैं। इस तरह चोरी की बिजली से वार्ड को रोशन करने पर निगम ने आपत्ति जताई है। इसके बाद पहली बार झज्जर शहर में बिजली निगम ने नगर पालिका के खिलाफ सर्वे कराकर बिजली चोरी के सबूत जुटाए हैं। निगम के अनुसार अब नगर पालिका को सीधे तौर पर कहा जाएगा कि इन सभी लाइट उपकरण के मीटर एप्लाई किए जाएं। इसके अलावा अब तक इन उपकरणों से कितनी बिजली यूनिट खर्च हुई है उसका भी एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। 

19वार्डों में 400 लाइट जलती मिली 

बिजलीनिगम ने शहर के सभी 19 वार्डों में टीम से सर्वे कराया। टीम को यह बताया गया था कि वार्ड में जाकर यह देखना है कि आम लोगों के लिए लगाया गया कौन सा बिजली उपकरण सीधे बिजली चोरी से चल रहा है और कौन से मीटर से अटैच है। तब सर्वे के दौरान 400 ऐसे बिजली उपकरण परखे गए जो सीधे तार डालकर जल रहे थे। 

एस्टीमेट तैयार किए जा रहे है, 

नए बिल दिए जाएंगे 

^बिजलीनिगम ने अभी तक स्ट्रीट लाइटों का कई सालों से बकाया चला रहा दो करोड़ रुपए बिल मसला नहीं सुलझाया है। इसके अलावा बिना कनेक्शन लिए नगर पालिका अपने वार्डोंं में सीधे तार डालकर बिजली उपकरण जलवा रही है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। हम एस्टीमेट तैयार करने में जुटे हैं। नए सिरे से बिजली के बिल नगर पालिका को दिए जाएंगे। -उमेदसिंह, एसडीओ बिजली निगम,झज्जर 

निगम से हमें भी गृहकर लेना है 

^हमारेकुछ लाइट कनेक्शन बिजली निगम ने काट दिए हैं। अब वार्ड अंधेरे में रहे, सीधे तौर पर बिजली सप्लाई जनता के हित के ली जा रही है। हमें भी बिजली निगम से अपना गृहकर लेना है। ये मसला बैठक कर सुलझाया जाएगा। -कवितानंदवानी, चेयरपर्सन, झज्जर नगर पालिका