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डयूटी के दौरान मौत हो जाने पर कर्मचारियों के परिजनों को सरकार देगी मुआवजा

 हरियाणा बिजली निगम के चेयरमैन शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा है कि हरियाणा बिजली निगम के कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान मौत हो जाती है तो अब स्थाई कर्मचारी के परिजनों को 35 लाख तथा अस्थाई कर्मचारी के परिजनों को 20 लाख रुपए मिलेंगे। जिस बैंक में कर्मचारियों का सैलरी खाता है उसमें उसका जोखिम बीमा होगा। स्थाई कर्मचारी की मौत होने पर 25 लाख रुपए बैंक से बीमा के तौर पर तथा 10 लाख रुपए मुआवजा निगम द्वारा तुरंत दिया जाएगा। इसी प्रकार अस्थाई कर्मचारी के परिजनों को 10 लाख रुपए बैंक से बीमा के तौर पर तथा 10 लाख रुपए निगम द्वारा दिया जाएगा।
श्री कपूर आज स्थानीय पंचायत भवन में निगम की योजना के तहत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले के 225 अधिकारियों व कर्मचारियों को लगभग 11 लाख रुपए की राशि के चैक प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किए। 
निगम के चेयरमैन ने बिजली चोरी रोकने के संबंध में बताया कि तीन-चार माह बाद निगम को एमसीबी (मीटर कनेक्टिंग बोर्ड) सहित मीटर की सप्लाई शुरू हो जाएगी। ये मीटर पूरी तरह से सुरक्षित हैं इनमें किसी भी सूरत में छेड़छाड़ संभव नहीं है। बिजली के लाइन लॉस कम करने में इनसे बहुत मदद मिलेगी। निगम का लक्ष्य उपभोक्ताओं को गुणवत्ता पूरक व सस्ती बिजली मुहैया करवाने का है।
उन्होंने कहा कि बिजली वितरण प्रणाली में कई वर्षों से कुछ विसंगतियां आ गई थी। अब उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। 15 अगस्त से प्रदेश के एक हजार गांवों में 24 घंटे बिजली सप्लाई शुरू कर दी है। इसी तर्ज पर धीरे-धीरे सभी गांवों में लाइन लॉस कम करके उपभोक्ताओं को गुणवत्ता पूरक ऊर्जा मुहैया कराई जाएगी। 
निगम के चेयरमैन ने कहा कि महेंद्रगढ़ जिले में सभी 76 फीडरों को एक जनवरी 2018 तक म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत चालू कर दिया जाएगा। जनवरी से जिले में ग्रामीण फीडरों पर भी 24 घंटे बिजली सप्लाई का लक्ष्य रखा है। 
उन्होंने कहा कि जिले के 25 फीडर पर म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य पहली जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य है। 
उन्होंने कहा कि निगम ने तीन जिलों अंबाला, गुडग़ांव तथा पंचकुला में 20 फीसदी से कम लाइन लॉस करके इन जिलों में 24 घंटे बिजली देने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए निगम ने निरीक्षण प्रणाली को कड़ा किया। खराब मीटर बदले तथा पुरानी तारों को बदला गया। गांवों में बिजली सुधार कमेटी का गठन किया। इन सभी मोर्चों पर पूरे प्रदेश में काम किया जा रहा है।