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जीएसटी की वजह से लटकी 200 बसों की खरीद, अभी करना होगा इंतजार

     देश भर की तरह हरियाणा में भी सरकार माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने के असर से प्रभावित होती दिखाई दे रही है। लंबे समय से बसों की कमी से जूझ रहे हरियाणा को अब नई बसों के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश में करीब 200 नई बसों की खरीद अधर में लटक गई है। जीएसटी के बाद से इन बसों के पहले निर्धारित और अब के रेट में भारी अंतर हो गया, जिसे सेटल करने की दिशा में काम चल रहा है।   

हरियाणा के वर्तमान परिवहन ढांचे के अनुसार करीब दो हजार नई बसों की जरूरत है। मगर इनमें से छह सौ बसों की खरीद प्रक्रिया चल रही है। इन बसों को चरणबद्ध तरीके से खरीदा जाना है। प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान करीब तीन सौ बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें से अभी तक सिर्फ 75 बसें ही बनकर तैयार हो पाई हैैं।

   परिवहन विभाग की मांग पर सरकार द्वारा गठित हाईपावर परचेज कमेटी ने हाल ही में 150 और बसों की खरीद प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की है। परिवहन और वित्त विभाग जल्द ही इन बसों की खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे, लेकिन फिलहाल पुरानी बसों के रेट फिर से तय करना बड़ी चुनौती हो गया है। हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार के अनुसार कुछ तकनीकी कारणों के चलते बसों की खरीद में अड़चन आ गई थी। बहुत जल्द इस समस्या को सुलझा लिया जाएगा।