# पाक PM के आरोप पर भारत का पलटवार-टेररिस्तान है पाकिस्तान         # मोदी का वाराणसी दौरा आज, 305 करोड़ से बने ट्रेड सेंटर का करेंगे इनॉगरेशन         # समुद्र में बढ़ेगा भारत का दबदबा, पहली स्कॉर्पिन पनडुब्बी तैयार         # रोहिंग्या विवाद के बीच म्यांमार को सैन्य साजो-सामान दे सकता है भारत         # चीन में सोशल मीडिया पर इस्लाम विरोधी शब्दों के प्रयोग पर लगी रोक         # परवेज मुशर्रफ का दावा-बेनजीर की हत्या के लिए उनके पति जरदारी जिम्मेदार          # भारत ने अफगानिस्तान में 116 सामुदायिक विकास परियोजनाओं की ली जिम्मेदारी         # जम्मू-कश्मीर में दो आतंकी गिरफ्तार, सशस्त्र सीमाबल पर किया था हमला        
News Description
मंच पर भाषण दे रहे यशपाल मलिक पर लाठियों से हमला, िसर फोड़ा, पथराव में 30 लोग जख्मी

अखिलभारतीय जाट संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर कुछ लोगों ने लाठियों से हमला कर दिया। पत्थरबाजी की। उन्हें सिर में चोट आई है। मलिक पुलिसकर्मियों के अलावा कुछ अन्य लाेगों की गाड़ियां तोड़ दी गईं। यशपाल मलिक, थाना प्रभारी प्रदीप कुमार, सीआईए प्रभारी संदीप कुमार और पुलिस कमांडो सज्जन कुमार समेत 25-30 लोगों को चोटें आई हैं। गांव के ही छोटू को छर्रा लगा है। उसे गंभीर हालत में अग्रोहा अस्पताल में रेफर किया है। हमला फतेहाबाद के गांव समैण में हुआ। वे यहां सोमवार को भाईचारा रैली में शामिल होने आए थे। जाट आरक्षण को लेकर 27 अगस्त को झज्जर में मलिक रैली कर रहे हैं। इसके लिए जाट नेता सूबे सिंह के गांव समैण में निमंत्रण देने आए थे। रैली के दौरान कुछ युवक काले झंडे लेकर पहुंचे। मंच पर मलिक के बोलने से पहले ही लाठी-डंड़ों से हमला कर दिया। मलिक के समर्थक उन्हें तुरंत बाहर निकाल ले गए। टोहाना डीएसपी शमशेर दहिया ने बताया कि मलिक गुट के रघुबीर सिंह गाजूवाला की शिकायत पर सूबे सिंह समैण अन्य 100 लोगों पर आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 323 (मारपीट), 120बी (षड्यंत्र रचना), 506 (जान से मारने की धमकी) और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। हमलावरों की पहचान की जा रही है। 

इस बात का पहले से अंदेशा था कि समैण में टकराव देखने को मिल सकता है। क्योंकि जाट बाहूल्य यह गांव मलिक गुट से अलग हुए हवा सिंह सांगवान के साथी सूबे सिंह का है। सूबे सिंह और यशपाल मलिक एकदूसरे के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी करते रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने मलिक को रैली की अनुमति दी। चर्चा यह भी रही कि हमले के बाद कुछ युवा एक पगड़ी सूबे सिंह के घर ले गए। लेकिन सूबे सिंह ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। हालांकि, उनके घर के पास गली में खड़ी एक ट्रॉली पर पगड़ी का कपड़ा पड़ा मिला है। 

हमले के बाद मलिक गुट के सदस्यों ने गांव कन्हड़ी के पास जाम लगा दिया। यहां से किसी को भी आने-जाने नहीं दिया गया। पुलिस की गाड़ी को देखकर जाम लगाने वाले उन्हें मारने दौड़ पड़े। इसके चलते पुलिस अपनी गाड़ी को बैक गियर में ही काफी दूर ले गई और अपनी जान बचाई। 

जाट आरक्षण को लेकर यशपाल मलिक और हवा सिंह सांगवान ने मिलकर आंदोलन शुरू किया था। लेकिन पिछले आंदोलन के दौरान मलिक पर धरने के दौरान आई चंदा राशि के गबन का अारोप लगा था। मलिक का विरोध करने आए दूसरे गुट ने कहा था कि मलिक इसका कोई हिसाब नहीं दे रहे। इसके बाद से दो गुट बने और टकराव शुरू हो गया था। समय-समय पर दोनों गुटों के नेताओं की ओर से एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जाते रहे हैं। सूबे सिंह समैण हवा सिंह सांगवान के साथी के तौर पर काम कर रहे हैं।