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इलाके में वायरल बुखार व मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। बढ़ते रोग के चलते इलाके में मरी

   कस्बे के नौटकी रोड पर बोहरे के कुएं के समीप रेनीवेल परियोजना के तहत दो वर्ष पहले निर्मित रेनीवेल परियोजना से जुड़ा जलघर पानी सप्लाई शुरू होने से पहले ही बदहाल हो चुका है। ऐसा लग रहा है यदि विभागीय लापरवाही इसी प्रकार जारी रही तो इसमें लगा सरकारी खजाने का लाखों रुपये मिट्टी में मिल जाएगा।

     चेंबर का एक मुंह खुला पड़ा है। इस पर कोई ढक्कन तक नहीं लगा है। जिस कारण इस टैंक में गंदगी गिर रही है। बच्चे भी यहां खेलते रहते हैं। चूक वश कोई बच्चा वाटर चेंबर के स्टोरेज टैंक में गिरकर हादसे का शिकार हुआ तो जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही होगी। कोई मवेशी भी इसमें गिर सकता है। हालांकि अभी तक इस नए जलघर से वाटर सप्लाई शुरू नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि यमुना का पानी दो महीने से नगीना तक पहुंच रहा है। 

      विभाग ने यहां कोई चौकीदार भी नहीं रखा है। न ही इसमें कोई गेट लगाया गया है। चौकीदार न होने के कारण लोग सभी गिरी ईटों पर भी हाथ साफ करके अपने घर ले गए। शायद इन्हीं हालातों का फायदा उठाते हुए असामाजिक तत्वों ने यहां वाटर टैंक के साथ लगाए दो हैंडपंपों पर भी हाथ साफ कर दिया। यह मवेशियों की आरामगाह बन कर रह गया है। मोहल्लेवासी इस्माइल खान व सोहराब खान का कहना है कि जलापूर्ति विभाग के अधिकारी अपनी इस संपत्ति की सुध लें और जल्दी ही इसकी मरम्मत कराके चौकीदार नियुक्त करें।