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डाक्टरों की कमी मरीजों पर भारी

फिरोजपुर झिरका : इलाके में वायरल बुखार व मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। बढ़ते रोग के चलते इलाके में मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। बीमार लोग स्थानीय अस्पतालों में इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ना के बराबर मिल रहा है। इसके कारण जिले के अधिकतर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टरों की कमी है। ऐसा ही हाल फिरोजपुर झिरका के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। लंबे समय से यहां डॉक्टरों की कमी बनी हुई है।

     स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले आठ सालों से डाक्टरों के एक दर्जन के करीब पद रिक्त चले आ रहे हैं। इनमें सात एमओ, एक महिला डाक्टर, एक एलटी और फार्मासिस्ट सहित अन्य पद शामिल हैं। हालांकि इस संदर्भ में कई बार विभाग द्वारा उच्च अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक लिखा जा चुका है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे न केवल मरीजों को परेशानी हो रही बल्कि यहां मौजूद चिकित्सक भी अधिक कार्यभार होने के कारण दवाब में कार्य कर रहे हैं।

   फिरोजपुर झिरका के स्वास्थ्य केंद्र में सुबह अस्पताल खुलते ही मरीजों का तांता लग जाता है। लोग भारी संख्या में वायरल बुखार व चर्म रोग के साथ साथ मलेरिया से पीड़ित नजर आते हैं। अस्पताल में भीड़ इतनी कि वहां बैठने की भी जगह लोगों को मयस्सर नहीं होती। इस बीच जैसे ही डाक्टर अपनी सीट पर आया तो उनके के पास मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ती है।