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भक्ति से विचलित न हो मन : साक्षी गोपाल

सेक्टर 13 के कांग्रेस भवन में इस्कान द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन इस्कॉन कुरुक्षेत्र अध्यक्ष साक्षी गोपाल महाराज ने कहा कि हमें अपनी भक्ति से विचलित नहीं होना चाहिए, इससे की गई सारी भक्ति नष्ट हो जाती है। उन्होंने राजा परीक्षित की कथा का वृतांत सुनाते हुए बताया कि मनुष्य का मन ही उसकी आत्मा को प्रभु चरणों में लगा सकता है। इसलिए सबसे पहले अपने मन को भगवत कृपा दिलाओ इसके बाद स्वत: ही आत्मा प्रभु में लीन हो जाएंगी और हमें मोक्ष की प्राप्ति होगी। साक्षी गोपाल महाराज ने बताया कि यह हमारा मन ही जो कि सभी प्रकार के बंधनों में बंधा रहता है इस मन से छुटकारा पाना जरूरी है। जो कि केवल श्रीकृष्ण भक्ति से ही संभव हो सकती है इससे मन सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति आत्मा कल्याण के लिए प्रयास करता है उसकी युगति नहीं होती वर्तमान में वह जिस स्थिति में वह रहता है वह उससे नीचे नहीं जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि जो व्यक्ति किसी भी लोक में मेरे भक्त बनेंगे वे सीधे ही बैकुंठ लोक की ओर प्रस्थान करेंगे और जो कोई आत्मकल्याण के लिए कार्य करता है उसकी कभी दुर्गति नहीं होती। मैं अपने इस भक्त को शुद्ध भक्त के घर पर ही भेजता हूं। उन्होंने बताया कि प्रभुपाद कहते है कि प्रत्येक प्राणी मृत्यु के भय से डरता है परंतु भगवान का भक्त मृत्यु से बच जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को कहा कि हमें कभी भी प्रभु भक्ति नहीं छोड़नी चाहिए। इस अवसर पर सीता पति दास, गोपाल दास, बलराम, प्रचेता दास, बलयज्ञ दास, विनोद, नरेश, अनिल जोशी मौजूद रहे।