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महिला कॉल सेंटर कर्मी के साथ हुई वारदात से महिलाओं में भय का माहौल

महिला कॉल सेंटर कर्मी का आधी रात को कार सवार दो युवकों के पीछा करने का मामला सामने आने से शहर में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। साइबर सिटी की कामकाजी महिलाओं का कहना है कि शहर में उन्हें देर रात घर से बाहर निकलने में सोचने को मजबूर होना पड़ा रहा है। ऐसे में इस प्रकार की घटनाओं को पुलिस को संजीदगी से लेना चाहिए। पुलिस को रात में अपनी गश्त बढ़ानी होगी। जिससे महिलाएं देर रात बिना किसी डर के घर से बाहर निकल सके।

पुलिस हेल्पलाइन 1091 पर रोजाना करीब 15 मामले आते है। पिछले साल 51 सौ ईव टीचिंग, 11 सौ घरेलू हिंसा और 3300 अन्य कॉल आई थीं। इस साल अप्रैल तक 21 सौ कॉल आई आ चुकी थी। जिसमें करीब सात सौ ईव टीजिंग से संबंधित थी। यहां पर अक्सर मोबाइल पर अश्लील मैसेज करने, बात करने जैसी कॉल अधिक होती हैं।


महिला पुलिसकर्मियों की संख्या भी कम
जिले में पुलिस विभाग में 9422 कुल पद स्वीकृत है। इसमें पुलिस आयुक्त, डीसीपी, एसीपी, इंस्पेक्टर, एसआई से लेकर सिपाही तक शामिल हैं। जिनमें 856 कर्मचारी कम हैं। वहीं जिले में महिला पुलिस के 613 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 430 तैनात हैं और 183 खाली हैं। महिलाओं में एएसआई के 13, एचसी के 77, कांस्टेबल के सबसे अधिक 83 पद खाली हैं।