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एमआईई क्षेत्र में टैक्सी ऑफिस के ऊपर कमरे में बनाई जा रही थी मनपसंद यूनिवर्सिटी की डिग्रियां

देश की कई यूनिवर्सिटी की डिग्री बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में एक टैक्सी कार्यालय की छत पर बने कमरे में तैयार हो रही थी। यह धंधा यहां करीब पांच-छह माह से चल रहा था। गुरुवार रात को सिटी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर अनेक यूनिवर्सिटी की एजुकेशन अलग अलग तरह के डिप्लोमा की फर्जी तैयार शुदा डिग्रियों सहित जाली डिग्रियों को तैयार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन युवकों को काबू किया है। एएसपी हिमांशु गर्ग पूरे मामले को देख रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जिन विश्वविद्यालयों की डिग्रियां आरोपियों से बरामद की गई हैं उनके संचालकों से बात की जाएगी। आरोपी एजेंटों के माध्यम से ही डिग्रियों को वितरित करते हैं। 

सिटी थाना प्रभारी प्रदीप कुमार तेलुराम ने बताया कि इस मामले में एसआई देवेंद्र सिंह की टीम को गुप्त सूचना मिली थी। खबर थी कि राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश अन्य राज्यों की यूनिवर्सिटी की जाली डिग्री तैयार करके वितरित करने का धंधा एमआई इलाके में किया जा रहा है। देर रात छापेमार कार्रवाई में एमआई क्षेत्र में अमित सिंधु होमकैब के दूसरी मंजिल पर कंप्यूटर पर काम करते तीन युवकों को शक के आधार पर काबू किया गया। पूछताछ में युवकों ने अपने नाम बुहाना जिला झूंझनू सुनील कुमार, खेड़ी साध जिला रोहतक निवासी अमित कुमार तथा मुण्डान पाना डीघल जिला झज्जर निवासी रविंदर रूप में हुई है। एक युवक संदीप अभी फरार है, वही मास्टर माइंड बताया जा रहा है। 
 
दो आरोपियों को 6 और एक आरोपी 4 दिन के रिमांड पर भेजा 

इसमौके पर कंप्यूटर सहित कुछ तैयार अनेक यूनिवर्सिटी की एजुकेशन अलग-अलग डिप्लोमा की डिग्रियां, खाली प्रिंट शुदा डिग्रियां, रबड़ की मोहरें, एक प्रिंटर, 15 किताबें तथा दो बैंकों के पांच चेक बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में पकड़े गए युवकों ने खुलासा किया है कि वे अपने एजेंटों के माध्यम से फर्जी डिग्रियों का धंधा करते हैं। एजेंटों के माध्यम से ही डिग्रियों को वितरित करते हैं। पकड़े गए तीनों आरोपियों को अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया। जहां से पकड़े गए दो आरोपियों सुनील कुमार अमित कुमार को पूछताछ के लिए छह दिन के पुलिस रिमांड पर तथा एक आरोपी रविंद्र को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। उन्होंने बताया कि रिमांड के दौरान पूछताछ मे फर्जी डिग्रियों को तैयार करने के धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल है के संबंध में खुलासा होने की संभावना है।