News Description
खुले में शौच मुक्त शहरों में अम्बाला देश के टॉप-10 में

 टीमों ने सुबह सुबह ग्रामीण इलाकों में लोगों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए जो प्रयास किए थे, उसके परिणाम भी बेहतर रहे हैं। खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) में अम्बाला देशभर में नौवें स्थान पर आया है। मिनिस्ट्री ऑफ ड्रिंकिंग एंड सेनिटेशन ने इस संबंध में स्वच्छता रैंकिंग जारी की है।
 
जिले के 408 गांवों में ओडीएफ अभियान चला था। इसके तहत जिला प्रशासन ने टीमों का गठन किया था ताकि गांवों को खुले में शौच मुक्त किया जा सके। टीमों ने पहले ग्राम पंचायत सदस्यों को जागरूक किया। इसके तहत गांवों में शौचालयों का निर्माण कराया गया था। जिन घरों में शौचालय नहीं थे, उन लोगों को सार्वजनिक शौचालयों जैसे स्कूल आदि में जाने के लिए प्रेरित किया गया था। साथ ही जो लोग मान नहीं रहे थे, उन्हें टीमों ने मौके पर सुबह जाकर जागरूक किया। कभी उनके गले में हार डालकर समझाया तथा कभी सीटी बजाकर खुले में शौच करने के लिए कहा गया था।
 
दिसंबरसे मार्च की गई थी डेट: ओडीएफका एचीव करने का टारगेट 1 दिसंबर तक था। उस समय खुले में शौच मुक्त अभियान काफी हद तक सफल हो चुका था, लेकिन यह अभियान आगे भी सफल रहे इसलिए डीसी प्रभजोत सिंह ने ओडीएफ को अच्छी तरह से एचीव करने के लिए 28 मार्च तक की तिथि ओडीएफ टीम के अधिकारियों बढ़वा ली थी। मार्च में यह अभियान असल में जमीनी स्तर पर उतर गया था।
 
अम्बाला को रैंकिंग में 78.07 अंक: मिनिस्ट्री ऑफ ड्रिंकिंग एंड सेनिटेशन रैंकिंग 100 अंकों के आधार की है। इसमें टॉयलेट की उपयोगिता, टायलेट पेंटिंग, माय सेल्फी, जियो टैग, प्रेरक नियुक्ति तथा टायलेट की उपलब्धता आदि घटकों को आधार बनाया गया। अम्बाला प्रदेश में चौथे पर रहा है।
 
ओडीएफ में जमीनी स्तर पर बहुत काम किया गया था। टीमों ने जिस तरीके से काम किया और टीमों ने आकर निरीक्षण किया, उससे लगता था कि अम्बाला देशभर में पहले तीन स्थान पर आएगा।