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चायवाले का बेटा था ये एक्टर, अंतिम दिनों में इलाज के लिए भी नहीं थे पैसे

पान सिंह तोमर, पीपली लाइव जैसी फिल्मों में एक्टिंग करने वाले सीताराम पांचाल का गुरुवार को मुंबई में निधन हो गया। वे लीवर कैंसर से पीड़ित थे, जिसका मुंबई में ही इलाज चल रहा था। हरियाणा के जींद जिले के नरवाना कस्बे से मुंबई तक सफर तय करने वाले पांचाल ने कड़े संघर्ष से बॉलीवुड तक पहचान बनाई थी। कैंसर इलाज के दौरान उनकी सारी जमा पूंजी खत्म हो गई थी और सोशल मीडिया पर गुहार लगाकर इलाज के लिए पैसे जुटाने पड़े थे।

सीताराम पांचाल के पिता श्रीराम पांचाल नरवाना में चाय की दुकान चलाते थे। उनके 4 बेटों में सीताराम तीसरे नंबर के थे। 

- सीताराम ने नरवाना से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी कॉलेज में ग्रेजुएशन में दाखिला लिया। 
- वहां से उनके ड्रामा, थियेटर की शुरूआत हुई। यूनिवर्सिटी के यूथ फेस्टिवल और अन्य एक्टिविटी में परफॉर्मेंस देना शुरू किया। यूनिवर्सिटी में उन्हें बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड भी मिला। 
 
थियेटर में इंटरेस्ट बना तो पहुंच गए नेशनल स्कूल अॉफ ड्रामा
- सीताराम के बड़े भाई जगदीश ने बताया कि ग्रेजुएशन के बाद नेशनल स्कूल अॉफ ड्रामा से डिग्री ली। उसके बाद कुछ दिनों तक वहां पढ़ाया भी। 
- पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुंबई बॉलीवुड जाने का निर्णय लिया और नौकरी छोड़कर मुंबई पहुंच गए। 
- मुंबई जाकर उन्हें सबसे पहले बैंडिड क्वीन फिल्म में अभिनय करने का मौका मिला। इसके बाद लगभग 2 दर्जन से ज्यादा फिल्मों व धारावाहिकों में उन्होंने अभिनय किया। 
- उन्होंने स्लमडॉग मिलेनियर, द लीजेंड ऑफ भगत सिंह, जॉली एलएलबी, सारे जहां से महंगा, हल्ला बोल, बैंडिट क्वीन, पान सिंह तोमर, पीपली लाइव जैसी फिल्मों में भी काम किया है। 
 
4 साल पहले पता चला था कैंसर का
- सीताराम को 4 साल पहले लीवर कैंसर का पता चला था। इलाज करवाया लेकिन स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ता चला गया। खराब सेहत के चलते फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया। घर में वो अकेले कमाने वाले थे।
- इस बीच घर में रखा पैसा भी धीरे-धीरे खत्म होने लगा। बीमारी में उनका 30 किलो वजन कम हो गया था।
- इलाज के लिए पैसे खत्म होने पर सीताराम ने सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई थी। इस पर लोगों ने सोशल मीडिया पर उनकी मदद के लिए एक कैंपेन चलाया था।
मनोहर लाल खट्टर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट पढ़ने के बाद सीताराम को फौरन 5 लाख रुपए की मदद दी थी।
 
इलाज के दौरान छुट्टी मिल गई थी दो दिन पहले फिर हालत बिगड़ी तो हुई मौत
- इलाज के दौरान हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी लेकिन दो दिन पहले उनकी फिर से हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में मौत हो गई।