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पिस्टल लेकर घूम रहा था पान्नू गैंग का ये गैंगस्टर, 50 हजार रुपये था इनाम

हत्या के प्रयास में पिस्तौल लेकर घूम रहे विनोद पान्नू गिरोह के 50 हजार के इनामी बदमाश को पुलिस ने बालसमंद से गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से पिस्तौल व दाे कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी 2014 में जमानत पर जेल से बाहर आया था और उसके बाद फरार चल रहा था। आरोपी को अदालत में पेश किया जहां से उसे तीन दिन के रिमांड पर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की सीआईए टू के इंचार्ज कप्तान सिंह को सूचना मिली कि बालसमंद निवासी विकास गांव में आया हुआ है और कहीं जाने की फिराक में है।सूचना मिलने पर कप्तान सिंह ने सब इंसपेक्टर भूप सिंह, ईएएसआई राजकुमार व अन्य जवानों की टीम बनाकर मौके पर दबिश दी।
सूचना के आधार बस स्टैंड पर खड़े एक युवक को काबू किया। पूछताछ करने पर उसने अपने आप को विकास बताया। टीम ने विकास की तलाशी ली तो उसके पास 32 बोर का पिस्तौल व दो कारतूस बरामद किया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि विकास विनोद पान्नू गिरोह से संबंध रखता है। पान्नू के कहने पर वह हत्या के मामले में बंद मिर्चपुर निवासी सुमित से मिलने के लिए आने वाले थुराना निवासी बिट्टू की हत्या करने के लिए गुरुवार को हिसार जाना था। इससे पहले कि वह हिसार के लिए निकलता पुलिस ने उसे काबू कर लिया।
 
2008 से अपराध की दुनिया में है
बालसमंद निवासी विकास ने 2008 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। पहली वारदात चोरी की थी और उसके वह हत्या, हत्या प्रयास, फिरौती व लूट की घटनाओं में शामिल रहा। विकास पहली बार जेल में इंद्र गुर्जर पर हमला करने और बालसमंद में दीप्ति हत्याकांड में चर्चा में आया था। 2014 में वह जमानत लेकर जेल से बाहर आया था। उसके बाद वह फरार चल रहा था।
 
ये मुकदमे दर्ज हैं विकास पर
-2008 में धारा 457,380 के तहत केस
-2010 में बालसमंद निवासी रामनिवास की हत्या, इस मुकदमे में विकास की 2010 में 20 साल की सजा हुई थी।
-2012 में जेल में विक्रम लाडवा, विनोद पानू, कृष्ण बालसमंद, अजय नारनौंद के साथ मिलकर इंद्र गुर्जर को चोट मारने।
-2013 में बरवाला थाना में आर्म्स एक्ट का मुकदमा।
-2015 में बालसमंद निवासी संदीप उर्फ दीप्ति की हत्या।