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एमबीबीएस चिकित्सकों के लिए यूनिक लोगो हुआ जारी

एमबीबीएस चिकित्सकों और झोलाछाप स्वास्थ्य कर्मी की अब आसानी से पहचान हो सकेगी। सरकार ने चिकित्सकों के लिए यूनिक लोगो जारी किया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के प्रधान डॉ. घनश्याम मित्तल ने बताया कि इससे झोला छाप,बीएम, आयुर्वेदिक आदि चिकित्सकों से एमबीबीएस की अलग पहचान होगी।

     उन्होंने बताया कि आइएमए की राष्ट्रीय इकाइ के प्रयासों से लंबे संघर्ष के बाद यह सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि पिछले लंबे समय से सभी प्रकार के चिकित्सक एक ही लोगो का प्रयोग कर रहे थे। अब यूनिक लोगो मिलने से मरीजों को एमबीबीएस चिकित्सकों की पहचान सुनिश्चित करने में आसानी होगी। नव प्रदत यूनिक लोगो में लाल रंग के क्रॉस निशान में डीआर लिखा हुआ है। इसे इस्तेमाल करने वाले चिकित्सकों के पास मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए। यदि कोई बिना इस योग्यता के लोगो का प्रयोग करता पाया गया तो कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

     इसमें कॉपीराइट कानून के तहत आरोपी को 6 माह से तीन साल तक की सजा व 50 हजार से दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। डॉ. मित्तल ने बताया कि नए लोगों से मरीजों को एलोपैथी चिकित्सकों की पहचान करने में आसानी होगी वहीं एमबीबीएस चिकित्सकों को प्रतिष्ठा सूचक अपनी विशिष्ट पहचान मिली है।