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पुलिस वर्दी में हत्या, लूट, डकैती करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड समेत चार गिरफ्तार

पुलिसकी वर्दी पहनकर लोगों को लूटने वाले गिरोह के चार अारोपी गांव घसो कलां निवासी कश्मीरी, मनोहरपुर निवासी प्रदीप, बरटा निवासी योगेश्वर, जींद के राजेंद्र नगर निवासी सतीश को सीआईए टीम ने उचाना क्षेत्र से काबू किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को नरवाना अदालत में पेश कर तीन दिन के लिए रिमांड पर लिया है। 

सीआईए इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि रोहतक कार्यवाहक जींद एसपी पंकज नैन के निर्देशन में डीएसपी कप्तान सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए इस गैंग के मास्टरमाइंड कश्मीरी को उसके साथियों सहित काबू किया गया है। एक अगस्त को जिला कैथल के गांव सिनद निवासी जयप्रकाश ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह एक लाख रुपए लेकर नरवाना उपमंडल के गांव बेलरखां में अपने मामा के पास जा रहा था रास्ते में इन लोगों ने पुलिस की वर्दी में पैसे छीन लिए। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीआईए टीम इस गैंग के पीछे लगी हुई थी, वहीं गुरुवार को सूचना पर इन चारों को उचाना क्षेत्र से काबू कर लिया गया है। सभी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है ताकि इनसे पुलिस की वर्दी अन्य सामान तथा नकदी भी बरामद की जा सके। उन्होंने बताया कि इस गिरोह के तीन सदस्य अभी फरार हैं उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान एसआई नफे सिंह, साईबर सैल इंचार्ज नवदीप सिंह, एएसआई आत्माराम, राकेश कुमार, अशोक कुमार, मनोज कुमार भी मौजूद थे। 

सीआईए इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इन चारों आरोपियों के खिलाफ जींद के अलावा दूसरे जिलों में भी पुलिस की वर्दी पहनकर लूट करने के मामले दर्ज हैं। इस गैंग का मास्टर माइंड कश्मीरी गांव घसो कलां का रहने वाला है उसके अन्य साथी भी इन वारदातों में सहयोग देते हैं। दरअसल यह लोगों के बीच अपने आदमियों को छोड़कर पैसे दोगुना करने का लालच देते हैं और जब कोई इनकी बातों में आकर पैसे लेकर पहुंचता है तो वहां अपनी गाड़ी से पुलिस की वर्दी में पहुंच जाते हैं तथा पुलिस का रौब छाड़कर पैसे लेकर फरार हो जाते हैं। इस प्रकार की घटनाओं को यह गिरोह अंजाम देता हैं। जींद के अलावा अन्य स्थानों पर भी इस गिरोह के मास्टरमाइंड कश्मीरी पर 3 मुकदमे दर्ज हैं और उसके साथी प्रदीप पर 2 तथा सतीश पर 5 मुकदमें दर्ज हैं। इसके अलावा अन्य थानों में संपर्क किया जा रहा, ताकि अन्य वारदातों का पता चल सके।