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17 लाख की उधारी नहीं चुकाने पर हुई थी सुरेंद्र राणा की हत्या

 

शांति नगर निवासी सुरेंद्र राणा हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को बृहस्पतिवार शाम झज्जर इलाके से सिविल लाइंस पुलिस की टीम ने दबोच लिया। एक आरोपी एक अन्य मामले में झज्जर पुलिस के हत्थे एक दिन पहले ही चढ़ गया था। उसे भी जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गुरुग्राम पुलिस पूछताछ करेगी। राणा की हत्या पैसे के लेन-देन को लेकर की गई। हत्याकांड में आरोपी महिला से राणा ने लगभग 17 लाख रुपये ले रखे थे। महिला पैसे की मांग कर रही थी, लेकिन राणा देने को तैयार नहीं था।

गत सप्ताह 28 जुलाई को झाड़सा रोड पटवार भवन के नजदीक एक शराब ठेके सामने सुरेंद्र राणा अपनी सफारी कार में बैठा था। उसी समय सेंट्रो कार से चार लोग पहुंचे। इनमें एक महिला थी। कुछ मिनट तक बातचीत चलने के बाद एक ने राणा के ऊपर ताबड़तोड़ पांच गोलियां चला दी थीं। दो गोली सिर में, दो गोली सीने में जबकि एक गोली साइड से निकल गई थी। राणा की मौके पर मौत हो गई थी। उसकी पत्नी की शिकायत पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने झज्जर के गांव बिसाना निवासी र¨वद्र, गांव जौंधी निवासी सतपाल, दुबलधन निवासी रोहित उर्फ भीमा एवं गुरुग्राम के सुखराली निवासी बाला के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। इन चारों के खिलाफ ही मामला इसलिए दर्ज कराया गया था क्योंकि लगभग एक साल पहले भी चारों से राणा का पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था।

घटना के बाद से ही पुलिस को अंदेशा था कि सभी झज्जर में छिपे हुए हैं। इसके लिए कई स्थानों पर सिविल लाइंस थाना प्रभारी कर्मवीर ¨सह के नेतृत्व में छापेमारी की गई, लेकिन कामयाबी बृहस्पतिवार को मिली। र¨वद्र, सतपाल एवं बाला को एक ही जगह से गिरफ्तार किया गया। तीनों एक घर में छिपे हुए थे। चौथे आरोपी रोहित को एक अन्य मामले में दो दिन पहले झज्जर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस तरह मामले के चारों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। गुरुग्राम पुलिस द्वारा पकड़े गए तीनों आरोपियों को शुक्रवार अदालत में पेश किया गया। जहां से विस्तृत पूछताछ के लिए सभी को रिमांड पर लिया गया है।