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जीएसटी की तो व्यापारी को पूरी जानकारी, ही जानकार अधिकारी

सरकारने जीएसटी लागू तो कर दिया लेकिन अभी तक तो व्यापारी वर्ग ही इसके बारे में पूरी तरह जान पाया है और ही अधिकारी वर्ग को पूरी जानकारी है। जिस कारण दोनों ही परेशान हैं। यह बात हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के आयोजित सेमिनार में सामने आई। हालांकि सेमिनार में डीटीसी पवन कुमार ईटीओ भूषण कुमार ने व्यापारियों की शंकाओं का निवारण करने का प्रयास किया लेकिन कुछ बातें ऐसी सामने आई जिसका अधिकारियों के पास भी जबाव नहीं था। इस पर अधिकारियों ने व्यापारियों के प्रश्नों को नोट कर बाद में जबाव देने के लिए कहा। सेमिनार में पहुंचने पर शाखा प्रधान राजेंद्र ठकराल संरक्षक रमेश गोयल ने अधिकारियों व्यापारियों का स्वागत किया तथा मंच संचालन जगदीश पाहवा ने किया। कई व्यापारियों ने अपने व्यापार संबंधी समस्याएं रखकर उनका समाधान मांगा। सेमीनार में आढ़ती एसोसिएशन प्रधान तरसेम बांसल, उद्योगपति ओमप्रकाश सिंगला, प्रवीण चौधरी, जगन्नाथ गोयल, राइस शैलर से ईश सरना, सतपाल नन्हेड़ी, फर्नीचर से दीप चंद गोयल, पेट्रोल पंप से दीपक अरोड़ा, केमिस्ट एसोसिएशन से कन्हैया लाल अरोड़ा, अजय गोयल, ओंकार गर्ग, एडवोकेट हितेष गर्ग नवनीत शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे। 

व्यापारियों ने सेमिनार में विभिन्न समस्याएं रखीं तथा आयटमों के कोड नंबर फार्म भरने के बारे में अनभिज्ञता जताई। उन्होंने बताया कि कुछ आइटम ऐसी हैं जिन पर अलग-अलग टैक्स हैं। जैसे फर्नीचर वालों ने बताया कि सोफा बनाने में कपड़े पर 5 प्रतिशत, लकड़ी पर 12 प्रतिशत फोम पर 18 प्रतिशत टैक्स है जबकि तैयार सोफा बेचने पर 28 प्रतिशत टैक्स है। ऐसी स्थिति में वे किस प्रकार केलकुलेशन करें। इसी प्रकार चारा काटने वाले टोके में लगने वाली मशीन पर 18 प्रतिशत टैक्स है जबकि तैयार टोके पर कोई टैक्स नहीं हैं। ऐसे में व्यापारी मोटर के लिए दिया गया 18 प्रतिशत टैक्स किस प्रकार कहां से रिकवर करें। कुछ व्यापारियों पुराने स्टाक को एडजस्ट करने के बारे में पूछताछ की तो कुछ ने ब्रांडेड नॉन ब्रांडेड की जानकारी ली तथा कुछ व्यापारियों ने जून तक के वैट की रिकवरी के रिफंड के समाधान बारे पूछा।