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बेसहारा पशुओं को रेलवे ट्रैक पर जाने से रोकने के लिए बराही फाटक के पास फिर लगाई ग्रिल

समाजसेवी रमेश राठी ने बताया कि इस ग्रिल को दोबारा लगवाया गया है ताकि कोई गोवंश रेल की चपेट में आकर अकाल मौत का ग्रास नहीं बन सके। बता दें कि बराही फाटक संख्या २४ के पास रेल की पटरियों के साथ सटी खाली जमीन पर गोभक्तों ने जनता के सहयोग से लोहे की ग्रील लगवाई थी मगर लोगों ने अपने आने जाने की सुविधा के लिए यहां पर लगी ग्रील को तोड़ दिया था। आसपास के निवासी रेल की पटरियों के नजदीक कूड़ा भी डाल देते हैं और उस कूड़े को खाद्य सामग्री समझकर बेजुबान गोवंश उसे खाने के चक्कर में पटरियों तक पहुंच जाते हैं तथा रेल की चपेट में आकर दम तोड़ देते हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर लगभग ५० फुट लंबी जगह बिना ग्रील की थी उन्होंने गोवंश की सुरक्षा के लिए वहां पर भी ग्रील लगवाकर उस रास्ते को भी बंद करवा दिया है। गोधन सेवा समिति के प्रधान रमेश राठी ,प्रवीन अहलावत, सुशील राठी, सुनील छिल्लर, बिजेंद्र राठी, कृष्ण चावला, संदीप आर्य, अमित आर्य, संजीव मलिक, मंदीप सैनी, कपिल छिक्कारा, सुरेंद्र कुमार आदि गोभक्तों ने लाइनपार के लोगों से गोवंश का जीवन बचाने में गोधन सेवा समिति का सहयोग करने का आह्वान किया। गोभक्तों ने कहा कि आज सरकार की बे-रुखी के कारण गोवंश की हालत खराब है। बहादुरगढ़ की सड़कों पर सैकड़ों गोवंश विचरण करने को मजबूर है। समिति ने लोगों ने कहा कि गोवंश की सुरक्षा के लिए २६ मई को लघु सचिवालय में धरना भी होगा।