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कक्षा में शिक्षकों के मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध, शिक्षा विभाग के निर्देश

हरियाणास्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के कक्षा में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अगर जांच के दौरान कोई अध्यापक कक्षा में मनोरंजन या अन्य किसी व्यक्तिगत कार्य के लिए मोबाइल फोन पर व्यस्त दिखाई दिया तो उसके साथ-साथ स्कूल का मुखिया भी नियमों का उल्लंघन करने के लिए जिम्मेदार होगा। 

अध्यापन के उद्देश्य से यदि मोबाइल फोन कक्षा में ले जाना अनिवार्य है तो इसके लिए स्कूल मुखिया से पूर्व अनुमति लेनी आवश्यक होगी। स्कूल में आने के बाद अध्यापकों को अपना मोबाइल फोन स्टॉफ रूम या स्कूल मुखिया द्वारा निर्धारित किसी स्थान पर रखा जाएगा। इसके लिए किसी क्लर्क या अन्य कर्मचारी को इसका इंचार्ज बनाया जा सकता है। इसके साथ साथ स्कूल के अध्यापक को स्कूल कार्यालय का फोन नंबर भी अपने घर पर देना होगा। जिससे किसी भी एमरजेंसी के दौरान स्कूल में सूचना मिल सके जिससे अध्यापक को जानकारी मिल सकेगी। बहादुरगढ़ के ब्लाक शिक्षा अधिकारी मदन चौपड़ा ने बताया कि बहादुरगढ़ में करीब तीन हजार अध्यापक हैं। सभी स्कूलों में सूचना भेज दी गई है। 

अध्यापकों को अपना मोबाइल फोन स्टॉफ रूम या स्कूल मुखिया की तरफ से निर्धारित किसी एक स्थान पर रखना होगा 

स्कूलों से मिल रही थी शिकायतें 

सरकारके पास स्कूलों से शिकायतें सूचनाएं जा रही थी कि स्कूल में अध्यापक अपने मोबाइल पर वाट्स एप फेसबुक आदि पर व्यस्त रहते हैं। इससे स्कूल का माहौल भी बिगड़ रहा था बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही थी। अध्यापक का पूरा ध्यान मोबाइल पर रहने के कारण उनकी परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ रहा था। इस कारण सरकार ने यह कदम उठाया है। आज के दिनों में बिना मोबाइल के कुछ समय भी निकालना संभव नहीं है। ऐसे में अध्यापकों को स्कूल परिसर में मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाने पर अध्यापकों में चर्चा है। बीईओ ने बताया कि किसी अध्यापक ने स्कूल में मोबाइल पर समय व्यर्थ किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। क्या सजा होगी इसके बारे में अभी नई गाइड लाइन का इंतजार किया जा रहा है।