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आधी रात सड़क पर दो भाइयों की हत्या, दहशत के बाद पुलिस फोर्स तैनात

.मामूली कहासुनी के चलते ठंडी सड़क स्थित वाल्मीकि मोहल्ला में दो सगे भाइयों गुरुवार रात करीब साढ़े दस बजे दो भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी। फायरिंग में मृतकों के एक दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मोहल्ले में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। छानबीन के दौरान पुलिस से मुख्य अारोपी को मौके से ही घायल अवस्था में हिरासत में ले लिया है। ़

मारपीट के बाद छत से की गई फायरिंग
पुलिस के अनुसार वाल्मीकि मोहल्ला निवासी विनोद कुमार अपने मकान के सामने गली में ताश खेल रहा था। इस दौरान वहां पर सैनी व एक अन्य युवक आ पहुंचे। यहां किसी बात को लेकर उन दोनों की विनोद के साथ कहासुनी हो गई। तीनों के बीच बात बढ़ते देख गली में रहने वाले सगे भाई और विनोद के दोस्त सचिन और सुनील भी पहुंचे। इसके बाद सैनी और दूसरा युवक वहां भागकर दूसरी गली में स्थित अपने दोस्त शंकर वाल्मीकि के घर जा पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कि विनोद, सचिन व सुनील भी जब शंकर के घर पहुंचे तो शंकर, सैनी व तीसरे युवक ने छत से फायरिंग करनी शुरू कर दी।

इस फायरिंग में गोली सचिन व सुनील के पेट को चीरते हुए आरपार निकल गई। दोनों एक-एक गोली लगी है। वहीं विनोद को भी आंख के पास गोली लगी। देर रात गोलियों की अावाज सुनकर आसपास के लोग निकल आए और गोली लगने के बाद सड़के पड़े तड़फ रहे सचिन, सुनील और विनोद को उपचार के लिए सिविल अस्पताल लेकर गए। यहां सुनील को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया जबकि सचिन और विनोद की गंभीर अवस्था को देखते हुए उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया। निजी अस्पताल पहुंचने तक सचिन ने भी दम तोड़ दिया। वहीं विनोद को देर रात डाक्टर आपरेशन कर रहे थे। मृतकों की उम्र 28 व 24 साल बताई जा रही है। दाेनों मृतक शादीशुदा है। देर रात दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए डेड हाउस में रखवा दिया गया था।
 
 
चार भाई थे, घटना के बाद रह गए दो
वाल्मीकि मोहल्ला निवासी चिनक के चार लड़के है। इनमें सबसे बड़ा सुनील कुमार, दूसरे नंबर पर अनिल कुमार, तीसरे पर सचिन व चौथे नंबर पर अजय है। घटना के समय सुनील और सचिन की घर पर थे जबकि अनिल और अजय अपने काम पर गए थे। इस घटना में सचिन और सुनील की गोली लगने से मौत हो गई। हालांकि यह जानकारी मृतकों की मां और उनकी पत्नियों को नहीं दी गई थी बावजूद उसके किसी अनहोनी की आशंका में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
 
शोर सुनकर बाहर आई तो तीनों पड़े थे घायल
फायरिंग में घायल हुए विनोद की पत्नी बरखा ने बताया कि रात को लगभग साढ़े दस बजे वह घर के अंदर थी। अचानक बाहर शोर हुआ तो देखने के लिए बाहर निकली। बाहर लोग जमा थे। देखा तो विनोद, सुनील और सचिन गली में घायल अवस्था में पड़े तड़फ रहे थे। तीनों को उठाकर गाड़ी में डाला और उपचार के लिए सिविल अस्पताल लेकर आए। इस बीच सुनील ने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बाद में विनोद और सचिन को हम लोग निजी अस्पताल में ले आए तो डाक्टरों ने सचिन को भी मृत घोषित कर दिया।
 
अपने घर की बजाए नानी के घर में ज्यादा रहता था शंकर:
मुख्य आरोपी शंकर घटना स्थल से दूसरी गली में है। जिस जगह घटना हुई वहां शंकर की नानी का मकान है और वह वहां बचपन से रह रहा है। शंकर की नानी के मकान में गमले, दरवाजे, कूलर टूटे हुए मिले हैं। वहीं गली में टूटी हुई ईंटे भी मिली है। माना जा रहा है यहां दोनों पक्षों में पथराव भी हुआ है। मोहल्ले में तनाव को देखते शंंकर के परिजन रातों-रात अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए।
अपराधी प्रवृत्ति का
है शंकर, कई मुकदमे हैं दर्ज: पुलिस का कहना है कि शंकर अपराधिक प्रवृत्ति का है और उस पर कई प्रकार के मामले दर्ज है। शंकर पर सबसे अधिक मामले आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है। मोहल्ला वासियों का कहना है कि शंकर कई प्रकार के अनैतिक धंधे करता है और यहां के लोगों पर दादागिरी करता है। उसके इस काम में सैनी भी साथ देता है।
 
आरोपी ने गली के नुक्कड़ पर लगवा रखा है सीसीटीवी कैमरा
स्थानीय लोगों ने बताया कि शंकर इस इलाके में कई सालों से रह रहा है। वह यहां पर नशे का धंधा करता है। लोगों का कहना है कि शायद इसी वजह से उसने गली के नुक्कड़ पर सीसीटीवी कैमरा लगवा रखा है। ताकि वो घर में बैठे-बैठे ही सभी गतिविधियों पर नजर रख सके। फायरिंग में घायल विनोद के परिजनों ने बताया कि पुलिस चाहे तो इलाके में नशे के अवैध कारोबार को खत्म कर सकती है। लेकिन कहीं ना कहीं मिलीभगत की वजह से शंकर जैसे कई और नशा माफिया यहां फल-फूल रहे हैं।