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बारिश के साथ मलेरिया और पीलिया ने पसारे पांव

    बारिश के साथ बीमारियों ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए। मलेरिया के साथ टाइफाइड व पीलिया से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ी है। हालत यह है कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों के रूम के बाहर हर दिन मरीजों की लाइनें भी दिनोदिन बढ़ रहीं हैं।

     ओपीडी के दौरान 40-50 प्रतिशत में टाइफाइड व पीलिया के लक्षण देखे जा रहे हैं। सामान्य अस्पताल की बात की जाए तो 50 से 60 ऐसे बच्चे हर दिन ओपीडी में पहुंच रहे हैं। जबकि सामान्य दिनों में संख्या 20-30 ही रहती है। निजी अस्पतालों में उपचार करवाने वाले बच्चों का आंकड़ा इससे कहीं अधिक है।

 

 

     जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वीके जैन ने बताया कि जून, जुलाई, अगस्त में मलेरिया पीड़ितों की संख्या बढ़ जाती है। जनवरी से अब 147 केस सामने आए हैं। रुक रुक कर हो रही बारिश के कारण विभिन्न स्थानों पर पानी जमा है। जिसमें दवा छिड़काव किया जाता है।

 

 

     सरकारी अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल त्यागी का कहना है कि इन दिनों उनके पास टाइफाइड से पीड़ित ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। बीमारी से बचाव के लिए अभिभावकों को भी सचेत रहने की जरूरत है। बच्चों को बाजार की तली-भूनी वस्तुएं आदि खाने को न दें। बिना नाश्ता किए बच्चे स्कूल न जाएं। उबले हुए पानी की एक बोतल साथ ले जाएं। घर पर तैयार दही ही खाएं, बाजार की दही या पनीर से परहेज करें। फास्ट फूड से दूर रहे और चौक-चौराहों पर बिकने वाले घटिया पेय पदार्थो से बच्चों को दूर रखें। छोटे बच्चों को केवल मां का दूध ही पिलाया जाए। स्वच्छता का ख्याल रखें।