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सपने सजाकर टेंडर करना भूले कमिश्नर, नहीं मिले डस्टबिन

 ओए अंबाला अभियान के तहत ट्विन सिटी को न केवल स्वच्छ, बल्कि देशभर में खुद को नंबर वन दिखाने का सपना दिखाकर नगर निगम कमिश्नर अपने ही वादे को भूल गए। 90 दिन में 30 प्रतिशत गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग कर लिम्का बुक्स ऑफ रिकॉर्ड में नाम भी दर्ज कराने का एलान कर दिया गया। दावा किया गया कि ऐसा कर स्वच्छता में हम 308 वें स्थान से हम पहले 100 स्वच्छ शहरों की सूची में शामिल हो जाएंगे। इसी दावे को सच करने के लिए ट्विन सिटी में हर घर को दो-दो डस्टबिन मुफ्त में बांटने का वादा भी नगर निगम कमिश्नर ने सरेआम किया लेकिन वह आज तक हकीकत में तब्दील नहीं हो सका। लिहाजा न तो कूड़ा उठा न ही डस्टबिन आए। जितनी बदतर स्थिति कूड़े की पहले थी उतनी ही आज भी बनी हुई है।

दरअसल, नगर निगम कमिश्नर ने 13 जुलाई को ¨कगफिशर होटल में पत्रकारवार्ता कर एलान किया था कि ट्विन सिटी के 1.25 लाख घरों को मुफ्त में दो-दो डस्टबिन दिए जाएंगे, यानी कुल डाई लाख डस्टबिन खरीदे जाने थे लेकिन हकीकत यह है कि 21 दिन बीत जाने के बाद भी डस्टबिन किसी भी घर को नहीं बांटे गए। डस्टबिन बांटने तो दूर आज तक इन्हें खरीदने का टेंडर ही नहीं हुआ। घरों में दिए जाने वाले इन्हीं डस्टबिन में गीला और सूखा अलग-अलग कूड़ा डालने का प्रावधान तय किया गया था। डस्टबिन बांटने और कूड़े की सफाई के लिए अभी तक नगर निगम पूरा रिकार्ड ही तैयार नहीं कर पाए है। यही कारण है कि घर में कितने सदस्य हैं और कितने घर हैं इसी का खाका अब तैयार कराया जा रहा है।

डस्टबिन पहुंचने तो कूड़ा उठाने वालों का भी चल रहा इंतजार

घर-घर डस्टबिन पहुंचना तो दूर डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मी ही अभी घरों में नहीं पहुंच रहे हैं। इसी कारण ट्विन सिटी में स्वच्छता का जनाजा निकला हुआ है। हालात ये हैं कि अभी भी कई एरिया में डोर टू डोर कर्मी पहुंच ही नहीं पाए हैं। जहां पहुंच हो चुकी है वहां से भी दूसरे या तीसरे दिन कूड़ा उठाया जा रहा है।

इस मामले में जब नगर निगम कमिश्नर सत्येंद्र दूहन से बातचीत करनी चाहिए तो वह अपनी जवाबदेही से बचते रहे। उनके फोन बजता रहा लेकिन उन्होंने फोन ही उठाना लाजमी नहीं समझा। जबकि वह पहले ही यह कह चुके हैं कि कूड़े से संबंधित दिक्कतें होने पर कोई भी उनसे बातचीत कर सकता है। अलबत्ता उनकी कथनी और करनी में कितना सच है उसका अंदाजा लगाया जा सकता है