# पाक PM के आरोप पर भारत का पलटवार-टेररिस्तान है पाकिस्तान         # मोदी का वाराणसी दौरा आज, 305 करोड़ से बने ट्रेड सेंटर का करेंगे इनॉगरेशन         # समुद्र में बढ़ेगा भारत का दबदबा, पहली स्कॉर्पिन पनडुब्बी तैयार         # रोहिंग्या विवाद के बीच म्यांमार को सैन्य साजो-सामान दे सकता है भारत         # चीन में सोशल मीडिया पर इस्लाम विरोधी शब्दों के प्रयोग पर लगी रोक         # परवेज मुशर्रफ का दावा-बेनजीर की हत्या के लिए उनके पति जरदारी जिम्मेदार          # भारत ने अफगानिस्तान में 116 सामुदायिक विकास परियोजनाओं की ली जिम्मेदारी         # जम्मू-कश्मीर में दो आतंकी गिरफ्तार, सशस्त्र सीमाबल पर किया था हमला        
News Description
अनसुलझी पहेलियां बन रहे हैं चोटी कटने के मामले

     महिलाओं की चोटी (बाल) कटने की घटनाओं के मामले में अफवाहें चरम पर हैं। बुधवार को भी इस प्रकार के सात मामले सामने आए। पांच में बहीन थाने में दर्ज कराए गए, अन्य दो में कोई शिकायत पुलिस को नहीं की गई। वैसे पुलिस उन मामलों पर भी नजर बनाए है। वहीं अफवाहों का दौर भी जारी है। जिन महिलाओं के साथ इस प्रकार की घटनाएं घटित हो रही हैं, वे अलग-अलग दावे करती हैं। कोई किसी महिला को देखने की बात कहती है, तो कोई बिल्ली को देखने की। अधिकांश मामलों में दावा किया जाता है कि महिलाएं बेहोश हो जाती हैं, लेकिन किसी भी मामले में घटना की शिकार किसी भी महिला को अस्पताल तक नहीं ले जाया गया। चोटी कटने की घटनाओं को सोशल मीडिया पर भी मसाला लगाकर पेश किया जा रहा है।

     चोटी कटने की घटनाओं में दिलचस्प बात यह है कि सभी मामलें ग्रामीण क्षेत्रों या पिछड़ी बस्तियों में सामने आ रही हैं। न केवल पलवल जिले में बल्कि कहीं भी इस प्रकार का कोई मामला सामने नहीं आया है, जिसमें किसी भी मामले में किसी भी संभ्रात या पाश कालोनी में ऐसी कोई बात हुई हों। जिनके साथ ऐसी घटनाएं हुई भी हैं या तो वे नीम हकीमों का सहारा ले रही हैं, या फिर तांत्रिकों व ओझाओं का। बरीन में रहने वाली हसीना मूल रुप से बंगाल की रहने वाली है। उसकी चोटी कटी तो वह गांव के ही एक झोलाछाप के पास उपचार करा रही है। इसी प्रकार एक अन्य महिला सरोज के बाल कटे तो उसने भी इसी प्रकार के एक डाक्टर के पास पहुंची।