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एक भी पल जाया नहीं करना चाहते अमित शाह,डायनिंग टेबल पर प्रदेश की हस्तियों से जानी ग्राउंड रियलिट

     मिशन-2019 को लेकर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह प्रदेश की तासीर को समझने और जानने के लिए एक भी पल जाया नहीं करना चाहते। इसके लिए उन्होंने पूरा शेड्यूल पहले से ही पैक कर दिया है, ताकि प्रदेश में रणनीति के 360 एंगल पर काम किया जा सके।
 
      दिनभर की साढ़े सात घंटे की मैराथन बैठकों के बाद विधायकों से मंत्रणा और फिर डायनिंग टेबल पर प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियों से बातचीत से यही संकेत निकल कर सामने आए। चुनावी मोड में चल रही दो साल पहले ही प्रदेश में दूसरी बार सरकार बनाने की तैयारी में जुट चुकी है। ऐसे में आने वाले चुनाव को लेकर किसी तरह की कसर नहीं छोड़ने के मूड में पार्टी दिग्गजों ने अभी प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में बुधवार रात राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डायनिंग टेबल पर प्रदेश की नामी हस्तियों से मिशन 2019 की रणनीति पर चर्चा की। डिनर पर उनकी राय के साथ मन टोलने का प्रयास किया।

      बुधवार रात तिलयार पर्यटन केंद्र पर इस दौरान व्यापारी, उद्योगपति ही नहीं चिकित्सा, शिक्षा व अन्य क्षेत्र से आई हस्तियों ने अपने विचार प्रदेश की सरकार के सामने रखे। इन विचारों पर शाह या सीएम ने कोई प्रतिक्रिया भले ना दी हो, मगर मुस्कराते हुए उनकी बात समझने का जरूर प्रयास किया है। इससे वे आने वाले चुनावों को लेकर उनका मन टटोल कर पार्टी की जीत व सरकार बनाने का अंदाजा जरूर लगाया जा सकते हैं। इसी के आधार पर पार्टी अपनी अगली रणनीति भी तय करेगी। कन्वेंशन हॉल में मोर्चों व प्रकोष्ठों की बैठक के बाद शाह ने शाही अंदाज में शहर व दूसरे जिलों से आए प्रतिष्ठित लोगों से मुलाकात की। यहां शाह व सीएम की उनसे खुलकर बातें हुई। हॉल में करीब आधे घंटे तक मिशन 2019 को लेकर मंथन हुआ
   
       शाह ने बताया कि बूथ स्तर पर छह कार्यक्रम किए जाएंगे। इसमें बूथ स्तर पर आमजन को जोडऩे के लिए भी जरुरी दिशा-निर्देश भी जारी किए। उन्होंने बूथ स्तर पर तय सभी छह कार्यक्रमों को सामाजिक समरसता का ध्यान रखते हुए बेहतर तरीके से अंजाम देना है। इसका कारण फरवरी 2016 की हिंसा को लेकर रहा। प्रत्येक बूथ को मजबूत करने की दिशा में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बूथों के लिए ग्रेडिंग प्रणाली शुरू करने को कहा। इसमें नियमित तौर पर बूथों की ग्रेडिंग की जाएगी और जो बूथ कमजोर होगा, उसे योजनाबद्ध तरीके से मजबूत किया जाएगा।