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भारतीय किसान यूनियन की कर्जा मुक्ति यात्रा पहुंची सोनीपत

     किसानों की मांगों को लेकर 28 जुलाई को फरीदाबाद से शुरू हुई भारतीय किसान यूनियन (अ) की किसान कर्जा मुक्ति यात्रा बुधवार को सोनीपत पहुंची। यह यात्रा बहालगढ़ स्थित ट्रक यूनियन से शहर में होते हुए लघु सचिवालय परिसर पहुंची। मांगों को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन देने पहुंचे किसान नेताओं को पुलिस ने लघु सचिवालय के अंदर नहीं जाने दिया। इस पर वह भड़क उठे और गेट पर ही धरना देकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दे दिया। तहसीलदार को भी ज्ञापन नहीं दिया। 

    किसान करीब एक घंटे तक उपायुक्त को ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे। बाद में उपायुक्त ने किसान नेताओं को अंदर आने की अनुमति दी, जिसके बाद किसान शांत हुए और उपायुक्त को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

      यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बल¨वद्र बाजवा ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा का किसान सरकार की नीति और नियत के कारण कर्जे के बोझ तले दबा हुआ है। किसानों को जो अधिकार मिलने चाहिए, वह नहीं मिल रहे हैं। सरकार ने सत्ता में आने से पहले किसानों को वादा किया था कि सरकार बनने के बाद वह स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया जाएगा। सरकार को अब तीन साल सत्ता में आए हो चुके हैं, लेकिन अभी तक रिपोर्ट को लागू नहीं किया है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    किसान करीब एक घंटे तक उपायुक्त को ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे। बाद में उपायुक्त ने किसान नेताओं को अंदर आने की अनुमति दी, जिसके बाद किसान शांत हुए और उपायुक्त को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

      यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बल¨वद्र बाजवा ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा का किसान सरकार की नीति और नियत के कारण कर्जे के बोझ तले दबा हुआ है। किसानों को जो अधिकार मिलने चाहिए, वह नहीं मिल रहे हैं। सरकार ने सत्ता में आने से पहले किसानों को वादा किया था कि सरकार बनने के बाद वह स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया जाएगा। सरकार को अब तीन साल सत्ता में आए हो चुके हैं, लेकिन अभी तक रिपोर्ट को लागू नहीं किया है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।