News Description
फिट रहने का ऑनलाइन फंडा, वर्चुअल जि¨मग बना ट्रेंड

आजकल फिटनेस लोगों के लाइफ स्टाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। लोग फिट रहने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं तो कुछ जॉ¨गग और वॉक को अपने रुटीन में शामिल करते हैं, लेकिन कामकाजी लोगों को अपने व्यस्त जीवनशैली में समय नहीं मिल पाता कि वे जिम जाकर फिटनेस रुटीन फॉलो करें। ऐसे में इन दिनों ऑन स्क्रीन या वर्चुअल जि¨मग का ट्रेंड बढ़ गया है। इसमें लोगों को देश विदेश के प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण लेने का मौका मिलता है।

क्या होता है ऑन स्क्रीन या वर्चुअल जि¨मग

वर्चुअल जि¨मग असल में ऑनलाइन होती है। देश विदेश के प्रशिक्षकों ने अपने एप या फिर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से लोगों को अपने साथ जोड़ना शुरू किया है। ऐसे में लोग अपने ही घर में अपने मोबाइल या लैपटॉप के जरिए योगा से लेकर स्पो‌र्ट्स जि¨मग का न केवल प्रशिक्षण लेते हैं बल्कि वीडियो या फिर ऑनलाइन क्लास के साथ जुड़कर कसरत करते हैं। कई जिम ट्रेनर व सेंटर निर्धारित समय पर लाइव एक्सरसाइज करवाते हैं तो कुछ लोग रिकॉर्डिग के माध्यम से लोगों को फिटनेस टिप्स देते हैं।

ऑनलाइन जि¨मग में ध्यान रखने वाली बात यह होती है कि किसी भी वीडियो को देखकर कसरत शुरू कर देना खतरनाक होता है। ऐसे में वर्चुअल ट्रेनर लोगों के बॉडी के वाइटल्स (बीपी, हार्ट, डाइबिटीज आदि) की जांच करके उन्हें उसी के अनुसार कसरत करवाते हैं, लेकिन अगर व्यक्ति खुद ही यूट्यूब के वीडियो देखकर यह एक्सरसाइज करेगा तो उसे पता नहीं चलेगा कि उसके लिए क्या सही है और क्या गलत।

वीआर चश्मों ने बढ़ाया ट्रेंड: वर्चुअल रियलिटी या वीआर चश्मों से वर्चुअल जि¨मग का ट्रेंड बढ़ गया है। भले ही एक्सरसाइज घर में कर रहे हों लेकिन इसे पहन कर ऐसा आभास होता है कि ट्रेनर आपके आसपास ही है और आप घर में नहीं बल्कि एक खूबसूरत आभासी दुनिया में होने का अनुभव करते हैं। पहले खेलों व फिल्म देखने के लिए उपयोग में आने वाले इस चश्मे ने अब इस क्षेत्र में भी अपनी पकड़ बना ली है।

'वर्चुअल जि¨मग का क्रेज बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशिक्षक भी बड़े वर्ग तक पहुंच पाते हैं और लोगों को भी घर बैठे प्रशिक्षण मिल जाता है। हालांकि, इसमें ध्यान रखने की जरूरत होती है कि किस तरह के प्रशिक्षक को चुन रहे हैं। इसके अलावा बिना अपने शरीर के वाइटल्स जाने इस तरह की एक्सरसाइ¨जग कई बार खतरनाक भी साबित होती है।'