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दिखावे के लिए जैमर, जेल से चल रहे गैंग

 कहने को गैंगस्टर जेल में हैं, मगर जेल से वह अपने गुर्गो के संपर्क में रहकर जुर्म को हवा दे रहे हैं। भोंडसी जेल में ही बैठे-बैठे फिरौती मांगना, धमकाना तथा अन्य तरह की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पहले कई मामले सामने आ चुके हैं लेकिन नए मामले ने तो पुलिस अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले के मुख्य आरोपी गुरुग्राम गांव निवासी मनीष भारद्वाज ने जेल में बंद गैंगस्टर मंजीत महाल, ¨बदर गुर्जर तथा दिल्ली पुलिस के सुपर कॉप एससीपी राजबीर ¨सह हत्याकांड में सजा काट रहे विजय भारद्वाज पर दस लाख रुपये तथा ऑडी कार जबरन लेने के आरोप लगाए हैं। सेक्टर पांच में सभी आरोपियों के खिलाफ 29 जुलाई को मामला दर्ज कर जांच भी की जा रही है।

जेल में जब भी कोई आरोपी जाता है तो उसे जेल प्रशासन के साथ-साथ गैंगस्टरों की भी सेवा करनी पड़ती है। यह आरोप मनीष भारद्वाज ने सेक्टर पांच थाने में दी गई शिकायत में लगाया है। मनीष का आरोप है कि उसे विजय भारद्वाज की देखरेख में रखा गया था। दो दिन उसे भूखा रखा गया। दो दिन बाद विजय ने जेल प्रशासन को खाना देने के नाम पर दस लाख की रकम मांगी। नहीं देने पर तंग करने की धमकी दी। मना करने पर डिप्टी जेलर के सामने उसे पीटा गया। बाद में जेल से ही विजय ने मोबाइल से पत्नी तथा घरवालों को फोन किया। पत्नी ने सदर बाजार में एक ज्वैलर्स के यहां जेवर बेच कर साढ़े नौ लाख की रकम दी तो उसे खाना दिया जाने लगा।

 

पुलिस को दी गई शिकायत में मनीष ने दिल्ली निवासी गैंगस्टर मंजीत महाल ( अब तिहाड़ जेल में बंद) तथा गैंगस्टर ¨बदर गुर्जर पर आरोप लगाया कि दोनों से उससे पचास लाख की रकम मांगी। नहीं देने पर परिवार को खत्म