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प्रक्रिया शुरू नहीं ; सरकार की ढिलाई से नगर निगम चुनाव खटाई में

नगरनिगम सदन को भंग हुए एक साल से अधिक समय हो चुके हैं, मगर अबतक चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। विकास अन्य कार्यों में अधिकारी अपनी मनमर्जी चला रहे हैं। अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों को कोई दबाव नहीं है। चुनाव कराने को लेकर एक ओर जहां प्रदेश सरकार गंभीर नहीं है, वहीं नगर निगम अधिकारी इसके पक्ष में नहीं है। यहीं कारण है कि प्रदेश सरकार नगर निगम वार्डबंदी को लेकर कोर्ट में चल रहे मामले में सही ढंग से पैरवी नहीं कर रहे हैं।

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भूप सिंह बनाम हरियाणा सरकार मामले में मंगलवार को हुई सुनवाई में सरकार की तरफ से जवाब दायर नहीं किया गया। पिछली सुनवाई में सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था। जवाब दायर नहीं करने पर कोर्ट ने फटकार लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की। मंगलवार को भूप सिंह बनाम हरियाणा सरकार मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने जवाब दायर करने के लिए समय मांग लिया है। 25 जुलाई को भूप सिंह तिगरा, डीएलएफ कुतुब इन्क्लेव आरडब्ल्यूए के प्रधान आरएस राठी, ऋषि राज राणा, जिले सिंह नंबरदार ने वार्डबंदी के फाइनल नोटिफिकेशन को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी करते हुए इस मामले में सरकार को याचिकाकर्ताओं अन्य निवासियों की आपत्तियों पर फिर से सुनवाई के लिए क्यो उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जाए पर अपना जवाब दायर करने के निर्देश दिए थे।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की तरफ से अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखते हुए मामले में जवाब दायर करने के लिए समय मांग लिया। हालांकि कोर्ट ने वकील को जवाब दायर करने के लिए फटकार भी लगाई लेकिन कोर्ट की लंबी तारीख से अब चुनाव खटाई में पड़ते नजर रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि हाई कोर्ट में निगम चुनाव को चुनौती देने वाला यह दूसरा मामला है। इससे पहले भी भूप सिंह ने सरकार निगम को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें वे हार चुके थे। कोर्ट ने नई वार्डबंदी के आधार पर चुनाव कराने के लिए सरकार को कहा था। इस मामले को लेकर भूप सिंह ने सरकार को कोर्ट में दूसरी बार चुनौती दी है। ऐसे में निगम चुनाव अक्टूबर तक टल गया। यह जाहिर है कि इस दौरान नगर निगम अधिकारी अपनी मनमर्जी चलाते रहेंगे। उनपर जनप्रतिनिधियों को कोई अंकुश नहीं रहेगा।