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अब पुलिस वाले लेंगे बिजली मीटर की री¨डग

 

हाथ में डायरी-पेन लेकर पुलिस वाले अचानक आपके घर पहुंच जाएं तो चौंकिएगा नहीं। पूरी संभावना है कि पुलिस वाला कोई आपराधिक मामले को लेकर नहीं, बल्कि आपके बिजली मीटर की री¨डग लेने आया हो। प्रदेश में पहली बार गुरुग्राम के पांच सब-डिवीजन में पुलिस कर्मियों को बिजली री¨डग लेने की जिम्मेदारी दी गई है। मंगलवार से 70 पुलिस कर्मियों ने अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है।

दरअसल बिजली वितरण निगम मीटर री¨डग लेने का काम ठीक से नहीं करा पा रहा है। पहले निगम के मीटर रीडर ही री¨डग लेते थे, लेकिन काम ठीक तरह से नहीं होने से चार साल पहले पूर्व फौजियों को यह जिम्मेदारी दी गई थी। हरियाणा एक्स सर्विसमैन लीग (एचईएसएल) कंपनी की ओर से पूर्व सैनिक पूरे प्रदेश में मीटर री¨डग ले रहे थे।

इनके काम में भी कई तरह की शिकायत आने लगीं। आरोप है कि अधिकांश पूर्व सैनिक घर बैठकर ही री¨डग रजिस्टर में चढ़ा रहे हैं। गुरुग्राम से सबसे अधिक शिकायत की गईं थीं। जिसके बाद अक्तूबर 2016 में एनवाइजी कंपनी को गुरुग्राम के पांच सब-डिवीजन सोहना रोड, मारुति, साउथ सिटी, कादीपुर व न्यू कॉलोनी की री¨डग लेने का काम सौंपा गया। इस कंपनी ने अप्रैल 2017 से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सोहना रोड सब-डिवीजन से काम शुरू किया। अप्रैल से आज तक यह कंपनी ना तो री¨डग ले पाई और ना ही लोगों को बिजली के बिल पहुंचा पाई। इसके बाद 14 जुलाई को बिजली निगमों के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने इस कपंनी को 25 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया। निगम ने अब इस कंपनी से किनारा कर लिया।