News Description
ग्राम स्तरीय बाल विवाह विरोधी समिति का किया जा रहा गठन

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक यादव की अध्यक्षता में बाल विवाह एक अभिशाप अभियान के तहत जिलें में बाल विवाह रोकने के लिए ग्राम स्तर पर बनाई गई समितियों एवं पुजारियों के लिए आज एडीआर सेंटर नारनौल में एक बैठक का आयोजन किया। 

    सचिव ने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए ग्राम स्तरीय बाल विवाह विरोधी समिति का गठन किया जा रहा है। अब तक जिले में 58 गावों में समितियां गठित कर दी गई है। इसके अलावा इस अभियान के तहत जिलेें में स्थित विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कानुनी साक्षरता शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल पर कार्यरत अधिवक्तागणों व पैरा लीगल वालियंटरों के द्वारा लगाए गए है। हमारा कानूनी साक्षरता शिविर लगाने का मुख्य उद्देश्य जिले से बाल विवाह पर पुर्णतया रोक लगाना है।

      यादव ने बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है जिसके तहत 2 वर्ष तक कठोर कारावास की सजा या एक लाख रुपए तक जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते है। इसमें महिला आरोपी को केवल जुर्माने की सजा दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रशासन के साथ मिलकर अप्रैल से अब तक 11 बाल विवाह रुकवाएं है। 

उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्कूल और कालेजों में बाल विवाह रोकने के लिए बाल विवाह एक अभिशाप जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विद्यालयों में प्रतियोगिताएं भी करवाई गई ताकि बच्चे इस गंभीर सामाजिक बुराई को समझ सकें।