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केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में सीटू ने किया प्रदर्शन

सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। यूनियन ने नए बस अड्डे से उपायुक्त कार्यालय तक प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा

सीटू के राज्य कमेटी के सदस्य व भवन निर्माण कामगर यूनियन के सदस्य महाबीर दहिया ने कहा कि केंद्र की सरकार व राज्य की सरकारें मजदूर विरोधी कानून बना रही हैं। विरोध प्रदर्शनों में शामिल कर्मियों व मजदूरों को धमका रही है। सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने पर सरकारी चिट्ठी निकाल कर उनकी सेवाएं तक समाप्त की जा रही हैं। महाबीर दहिया ने कहा कि गोरक्षकों के नाम पर निर्दोष लोगों की हत्याएं की जा रही हैं। इन गुंडों को पूरी तरह से संरक्षण प्राप्त है। प्रधानमंत्री अपने भाषण में चाहे कुछ कहते हों, लेकिन इन गुंडों के तार सरकार से जुड़े हुए हैं। मांगें मानने के बाद सभी 45वें श्रम सम्मेलन सामाजिक सुरक्षा आदि की मांगें नहीं मानी जा रही हैं। उन्होंने मांग की है कि न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये लागू करें, श्रम कानूनों में किए बदलाव वापिस लो, आशा, मिड-ड़े वर्कर को सरकारी कर्मचारी घोषित करो, आशा मिड-डे मिल वर्कर को बहाल करो, भवन निर्माण का रजिस्ट्रेशन तुरंत करो, गोरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी बंद करो, योजना कर्मियों के मानदेय का समय पर भुगतान करो। सभा को सीटू के वरिष्ठ नेता ऋषि पाल, कृष्ण, बलजीत, सर्वकर्मचारी संघ के जिला सचिव, ओम प्रकाश, वरिष्ठ उप प्रधान सुरेश गुढ़ा, आशा वर्कर की सचिव रानी देवी मौजूद रहे।