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कोर्ट ने कहा- मुलजिम ने हमारा समय बर्बाद किया, 50 हजार जुर्माना लगाया

बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण में देशद्रोह में 428 में रामोतार ने स्वयं को झूठा फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए अदालत में 216 सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। सोमवार को अदालत ने प्रार्थना पत्र को खारिज ही नहीं किया बल्कि इसे अदालत का समय बर्बाद करने का मामला मानते हुए आरोपी रामोतार पर 50 हजार रुपये की पैनल्टी भी लगाई। मुकदमे में रामपाल सहित 142 आरोपियों पर देशद्रोह और 796 आरोपियों पर धारा 188 के तहत अदालत में ट्रायल चल रहा है। प्रकरण में दो डाॅक्टर एवं एक सब इंस्पेक्टर की गवाही हुई। देर शाम रामपाल के अधिवक्ताओं ने गवाहों जिरह की। प्रकरण में अगली सुनवाई के अदालत 28 अगस्त की तिथि तय की है।
 
सतलोक आश्रम प्रकरण में देशद्रोह के मुकदमा नंबर 428 में देशद्रोह एवं धारा 188 के तहत ट्रायल अतिरिक्त सेशन जज अजय पराशर की अदालत में चल रहा है। मुकदमे की सुनवाई के लिए सोमवार को सेंट्रल जेल-1 में अदालत लगी। अदालत में रामपाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। अन्य आरोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत ने गवाही के लिए 5 गवाहों को तलब किया था। इन गवाहों में चार चिकित्सकों एवं एक पुलिस कर्मी पहुंचे थे। अदालत में डाॅ. महेंद्र, डाॅ. नरेंद्र तथा सब इंस्पेक्टर धर्मपाल की गवाही हुई। इस दौरान रामपाल के अधिवक्ताओं में महेंद्र सिंह नैन एवं अन्य ने काफी देर तक गवाहों से जिरह की। लेकिन शाम तक पूरी नहीं हो सकी। पिछली बार गवाही अधूरी रह गई थी। रामपाल की हर पेशी पर शहर में उसके सैकड़ों समर्थक पहुंचते हैं, मगर सोमवार को पेशी खास थी।

पेशीके दौरान आरोपियों को किया चेक : जेलमें अदालत लगी थी। इस दौरान पेशी के लिए सुबह से लाइन लग गई थी। जेल में एक-एक कर आरोपितों को चेक किया गया। एक साथ जाने की इजाजत नहीं दी। एक-एक करके आरोपित अंदर भेजे जा रहे थे। प्रत्येक आरोपित के हाथ पर जेल कर्मियों द्वारा निशान लगाया जा रहा था।