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प्रॉपर्टी डीलर भरत दुआ ने की आत्महत्या

छावनी में अग्रसेन नगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर भरत दुआ (34 वर्षीय) ने सोमवार दोपहर प्रभु प्रेम पुरम वाली गली में अपनी कार के अंदर बैठकर सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। गोलियां खाने के बाद दुआ ने अपने दोस्त राकेश को फोन करके आत्महत्या करने की बात बता दी थी। फोन कटते ही राकेश मौके पर पहुंचा और दुआ को लेकर छावनी के नागरिक अस्पताल में पहुंचा लेकिन डॉक्टर ने उसकी खराब हालत देख चंडीगढ़ सेक्टर-32 रेफर कर दिया, लेकिन परिजन उसे आदेश अस्पताल में लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत के कारण तो पूरी तरह स्पष्ट नहीं है लेकिन मामला प्रॉपर्टी में रुपयों के लेन-देन को लेकर सामने आया है। पुलिस ने देर शाम शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। कार्यकारी थाना प्रभारी महेशनगर महल ¨सह ने कहा कि भरत दुआ के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसलिए 174 की कार्रवाई की गई है। वहीं यह खबर ट्विनसिटी में फैलते ही प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों में हलचल पैदा हो गई और दुआ के घर सांत्वना देने के लिए आने वालों का तांता लग गया।

राकेश को फोन पर नहीं हुआ यकीन

भरत का आफिस प्रभुप्रेम पुरम में है। दोपहर करीब पौने एक बजे भरत ने सल्फास की गोलियां खाने के बाद राकेश को फोन किया और कहा कि वह आत्महत्या कर रहा है। राकेश पहले तो इस बात को मजाक में लेता रहा लेकिन फोन कटते ही वह उसके आफिस पहुंचा तो गली में खड़ी गाड़ी में भरत को खराब हालत में देखा। उसने तुरंत परिजनों को सूचना दी।

नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से डिप्रेशन में था दुआ

जानकारी के मुताबिक दो-तीन महीने पहले भरत दुआ ने टांगरी नदी बंधे के पास राजदीप नगर कालोनी में 330 गज में करीब साढ़े 85 लाख रुपये में एक मल्टी स्टोरी मकान खरीदा था। दुआ ने इस कोठी के मालिक मेजर मलकीत ¨सह को करीब 20 लाख रुपये बयाना दे दिया था और नवंबर महीने में बकाया पेमेंट देकर रजिस्ट्री करवाए जाने का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन इसी बीच मई महीने में सरकार की ओर से छावनी टांगरी बंधे किनारे बसी कालोनियों और नदी किनारे बने मकानों की रजिस्ट्री करने पर रोक लगा दी थी। ऐसे में दुआ को जब इस बात का पता लगा कि 85 लाख रुपये में खरीदी जाने वाली कोठी की रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी तो वह उस दिन के बाद से टेंशन में था।

रुपये देने से कर दिया था इंकार

नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भरत दुआ ने उस मकान को लेने की योजना बदल दी थी। बीते रविवार को ही भरत ने अपने पिता गोपीचंद दुआ और माता को मकान मालिक मलकीत ¨सह के घर पर भेजा था। उन्होंने मकान मालिक को कहा था कि वह चाहे तो उनके बेटे द्वारा दिए गए 20 लाख के बयाने में से 4-5 लाख रुपये रखकर 15 लाख रुपये उन्हें वापस दे दे, लेकिन मकान मालिक ने बयाने की राशि देने से साफ इंकार कर दिया। यह बात भरत को पता लगी तो वह पहले से ज्यादा डिप्रेशन में चला गया।

एसोसिएशन की मी¨टग के बाद लौटाए गए 20 लाख रुपये

वहीं देर शाम जब प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन पदाधिकारियों को इस मकान की खरीद-फरोख्त के सौदे के बारे में पता लगा तो एसोसिएशन के प्रधान अशोक अग्रवाल, महेंद्र सेठी चेयरमैन, कैशियर सुनील सेठी, विनायक जैन और पूर्व प्रधान ओंकार नाथी समेत अन्य पदाधिकारियों की मी¨टग हुई। इसमें मकान मालिक मलकीत ¨सह को बुलाया गया और इस बारे में उन्हें बताया गया। इसके बाद मलकीत ¨सह को रुपये देने के लिए कहा गया तो उन्होंने इसके लिए हामी भर दी। इसके कुछ देर बाद मलकीत ¨सह अपने घर पर गए और तीन लाख रुपये कैश का पैकेट व 17 लाख रुपये का चेक एसोसिएशन पदाधिकारियों को सौंप दिया।