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2 बजे तक ठप रहा पासपोर्ट सेवा केंद्र, भटकते रहे आवेदनकर्ता

360 कर्मचारियों के गलत ट्रांसफर और प्रमोशन नहीं होने के विरोध में गुस्साए पासपोर्ट विभाग के कर्मचारियों ने सोमवार को सांकेतिक हड़ताल कर कामकाज ठप कर दिया। रोजाना की तरह कर्मचारी काम पर तो आए लेकिन किसी ने काम नहीं किया और पासपोर्ट सेवा केंद्र के बाहर कुर्सी बिछाकर बैठ गए। चूंकि इस हड़ताल की लोगों को पहले से कोई जानकारी नहीं थी इसीलिए जिन-जिन लोगों को बुलाया गया था वह सुबह साढ़े आठ बजे से ही सेवा केंद्र पर पहुंचने शुरू हो गए थे। सुबह से लेकर दोपहर तक कोई काम नहीं हुआ बस आने वालों के डाक्यूमेंट स्कैन किए गए। लिहाजा दूर-दराज से आने वाले आवेदनकर्ताओं को निराशा हाथ लगी और कुछ तो खाली हाथ ही लौट गए। जबकि कुछ ने दोपहर बाद तक का इंतजार करना लाजमी समझा। दोपहर करीब एक बजे चंडीगढ़ यूनिट की ओर से हड़ताल खत्म करने का मैसेज आया और इसके बाद कर्मचारी उठकर लंच पर चले गए। इस तरह दोपहर दो बजे के बाद पासपोर्ट सेवा केंद्र पर काम शुरू हुआ।

हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना था कि गलत तरीके से कर्मचारियों का ट्रांसफर उस समय कर दिया गया जब शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। सभी कर्मचारी अपने-अपने बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिला चुके हैं। अलबत्ता इन ट्रांसफर को रोकने के साथ लंबे समय से प्रमोशन की प्रतीक्षा में बैठे कर्मचारियों की प्रमोशन करना भी मांगों में शामिल था। कर्मचारियों का कहना है कि केड रिव्यू नहीं हो रहा इसी कारण विभागों की वास्तविक स्थिति का नहीं पता चल पा रहा कि कितने कर्मचारियों की जरूरत और कितने काम कर रहे हैं। विभाग दूसरे विभागों से डेपुटेशन पर कर्मचारी मंगा रहा है जबकि अपने ही विभाग में कर्मचारी प्रमोशन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

हड़ताल के दौरान जब आवेदनकर्ता सिक्योरिटी गार्ड से अपने फार्म पर एंट्री की स्टैंप लगवा रहे थे तो सिक्योरिटी गार्ड का रवैया भी सही नहीं था। कुरुक्षेत्र के संघौर और करनाल से आए युवकों ने बताया कि जब उन्होंने यह पूछा कि कब तक उनके डाक्यूमेंट चैक हो जाएंगे और पीसीसी रिपोर्ट कब मिलेगी तो सिक्योरिटी गार्ड बोला तुम्हें ज्यादा जल्दी है क्या, अभी चढ़ोगे हेलीकाप्टर में..। कुरुक्षेत्र के संघौर से आए ¨प्रस और विशाल ने बताया कि उनका पासपोर्ट ऑन होल्ड दिखाया जा रहा है उसी की इंक्वायरी के लिए आए हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। प्रदीप कुमार व सुंदर लाल जोकि करनाल से आए पीसीसी रिपोर्ट लेने आए थे उन्हें भी परेशानियां झेलनी पड़ी।