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चुनाव में असर छोड़ने वाले संतों से सहयोग पक्का करने की तैयारी, शाह टटोलेंगे मन

 भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रोहतक में 2 से 4 अगस्त के प्रवास के दौरान केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक नेताओं साधु-संतों से भी बात कर प्रदेश के माहौल काे समझेंगे। इसके लिए भाजपा केंद्रीय मुख्यालय की ओर से श्रद्धेय संतजन-विशिष्टजन संपर्क एवं संवाद कार्यक्रम को भी जोड़ा गया है।
       संतों विशिष्टजनों से इस दौरान चुनाव से पहले के माहौल के बारे में जानकारी ली जाएगी। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में संत राम रहीम से लेकर महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज और स्थानीय संतों को भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए संतों को विशेष आमंत्रण भी भेजा जा रहा है।
    संतों के साथ इस बैठक के मायने राजनीतिक भी माने जा रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में डेरा सच्चा सौदा के फैक्टर ने कई सीटों पर अपना प्रभाव छोड़ा था। उस समय भी भाजपाई डेरा सच्चा सौदा सिरसा की शरण में गए थे। अब एक बार फिर अमित शाह डेरों के जरिये भाजपा की भविष्य की राह आसान करने की कोशिश करेंगे। वहीं, भाजपा सरकार देश में विकास के सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी मॉडल को बनाना चाहती है। इसके माध्यम से देश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने का काम किए जाने की रणनीति तैयार की जानी है। संतों के साथ बैठक का यह कार्यक्रम तिलियार के कन्वेंशन हाॅल में होगा।
     हरियाणाकी कुल 90 विधानसभा सीटों में से 18 सीटों पर डेरा सच्चा सौदा का ज्यादा प्रभाव माना जाता है। यहां पर पिछले चुनाव में डेरे का समर्थन मिलने पर बीजेपी को काफी फायदा हुआ था। हालांकि डेरे के गढ़ सिरसा और फतेहबाद में बीजेपी को सीट नहीं मिली थी, लेकिन वोट अच्छे मिले थे। इस बार बीजेपी पहले से ही फुल तैयारी के तहत डेरों संतों का समर्थन लेना चाह रही है। इस दौरान बैठक में बेसहारा गोवंश का मुद्दा भी उठ सकता है।